तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
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Tamil Nadu Politics: AIADMK के 4 पूर्व मंत्री और DMK नेता टूटे, TVK में हुए शामिल, CM विजय का बढ़ा कुनबा

AIADMK Leaders Join TVK: तमिलनाडु में AIADMK और DMK को सत्तारूढ़ पार्टी TVK ने बड़ा झटका दिया है। 4 पूर्व मंत्रियों और एक पूर्व विधायक ने थामी सीएम विजय की पार्टी का दामन थाम लिया है।

अमन मौर्या

Tamil Nadu Politics CM Vijay: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में दो साल पहले ही अस्तित्व में आई पार्टी TVK ने दशकों से सत्ता पर काबिज पार्टी DMK और AIADMK को किनारे लगा दिया। टीवीके प्रमुख विजय ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। चुनाव बाद से राज्य की राजनीति में भारी उलटफेर देखने को मिला।

AIADMK पार्टी दो धड़ों में बंट गई। बाद में सुलह की भी खबरें सामने आई। वहीं DMK में भी टूट जारी है। इस बीच एक नई खबर सामने आ रही है, जोकि AIADMK और DMK के लिए चिंताजनक है। AIADMK के चार पूर्व मंत्री और DMK के एक पूर्व विधायक ने इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हो गए।

पार्टी में लगातार पलायन

तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके को शनिवार को बड़ा झटका लगा, जब उसके चार पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गए। विधानसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी लगातार आंतरिक कलह और नेताओं के पलायन का सामना कर रही है।

पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक उदुमलाई के. राधाकृष्णन, एम.सी. संपत, कडंबूर सी. राजू और एन.आर. शिवपति ने चेन्नई स्थित टीवीके मुख्यालय में पार्टी के महासचिव एन. आनंद और चुनाव अभियान प्रबंधन महासचिव आधव अर्जुना की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पांचवें नेता जे करुणानिधि हैं। ये DMK पार्टी से पूर्व विधायक रह चुके हैं।

दो धड़ों में बंटी पार्टी

पार्टी के भीतर संकट उस समय खुलकर सामने आया था, जब एआईएडीएमके के 25 विधायकों ने पार्टी व्हिप की अवहेलना करते हुए विधानसभा में विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री विजय का समर्थन किया था। इस घटनाक्रम ने पार्टी में गहरी फूट को उजागर कर दिया था। हालांकि बाद में बागी गुट ने पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी से सुलह कर ली, लेकिन इसके बावजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं का पलायन जारी है।

लगातार बढ़ रहा TVK का कुनबा

विधानसभा चुनाव के बाद लगातार सत्तारूढ़ पार्टी TVK का कुनबा बढ़ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआईएडीएमके पार्टी से लगातार हो रहे दलबदल टीवीके के बढ़ते प्रभाव का संकेत हैं और विपक्षी दल के लिए अपनी राजनीतिक जमीन दोबारा मजबूत करना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

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