RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी विभिन्न माध्यमों से मिलने वाली जानकारी को सही और गलत का विवेक किए बिना ग्रहण कर रही है। इसके दुष्परिणाम सामने आने के बाद कई देशों ने इस संबंध में कुछ नियम और प्रतिबंध लागू किए हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज की परिस्थितियों में देश को आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्रता संग्राम के समय से भी अधिक तपस्या और समर्पण की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है, जहां प्राकृतिक और सामाजिक स्तर पर अनेक भिन्नताएं देखने को मिलती हैं। देश की एकता बनाए रखने के लिए ऐसे विचार और मूल्यों की आवश्यकता है, जो सभी को स्वीकार करें, सम्मान दें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। मोहन भागवत के अनुसार, भारत की पारंपरिक विचारधारा में ऐसे मूल तत्व मौजूद हैं, जो पूरी मानवता के कल्याण और सुख का मार्ग दिखाते हैं।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत सहित पूरी दुनिया में शालीनता, मंगलकारी मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और मानवीय संस्कारों को नष्ट करने वाली एक आंधी पश्चिम से उठी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई विकसित देश भी इस चुनौती से परेशान हैं और इसके सामने खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने OTT प्लेटफॉर्म को लेकर कहा कि नई पीढ़ी विभिन्न माध्यमों से मिलने वाली जानकारी को सही-गलत का विचार किए बिना ग्रहण कर रही है। इसके दुष्परिणाम सामने आने के बाद कई देशों ने इस पर अनुशासन और प्रतिबंध लागू किए हैं। भारत में भी विशेष रूप से OTT प्लेटफॉर्म को लेकर ऐसे नियमों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। शासन और प्रशासन को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, अपने जीवन के उदाहरण से उन्होंने उस समय समाज को दिलासा और हिम्मत दी, उनकी हिम्मत बढ़ाई और उनके मूल्यों को बनाए रखा। इसी तरह, आज उन दो महान हस्तियों को याद करना सही है जिन्होंने स्वधर्म की रक्षा के लिए अपनी जान दे दी।
आर्य समाज के पक्के तपस्वी, जाने-माने शिक्षाविद, शुद्धि आंदोलन के नेता और स्वतंत्रता सेनानी स्वामी श्रद्धानंद जी के सर्वोच्च बलिदान को 100 साल पूरे हो गए हैं। इसी तरह, स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती महाराज की जन्म शताब्दी भी है, जिन्होंने ओडिशा में हमारे आदिवासी भाइयों की सेवा के लिए अपनी जान दे दी।
स्वयंसेवकों के पथ संचलन के साथ श्री विजयादशमी उत्सव की शुरुआत हुई। इस उत्सव में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे।
आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत ने विजयदशमी समारोह के उपलक्ष्य में नागपुर के रेशिमबाग मैदान में शस्त्र पूजा की।
RSS Centenary Vijayadashami Utsav 2026 Live: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का शताब्दी वर्ष विजयादशमी उत्सव आज नागपुर में आयोजित किया गया। इस विशेष अवसर पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शस्त्र पूजन किया। कार्यक्रम में दैनिक जागरण के मुख्य संपादक संजय गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह पर देशभर की नजरें टिकी हैं। इसे लेकर लोगों में खास उत्सुकता देखने को मिल रही है।