PM Narendra Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स विकसित भारत की यात्रा को और गति देंगे। उन्होंने शहर के लोगों को ‘स्वच्छता से स्वागत’ कैंपेन में हिस्सा लेने के लिए बधाई दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, यह अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले साथियों की ग्रोथ और पार्टनरशिप का जश्न है। यहां सब कुछ एक साथ आ रहा है। मैं आज आपके बीच विकसीत भारत की ओर इस सफर को और तेज करने आया हूं।
पीएम मोदी ने वडोदरा के लोगों की तारीफ करते हुए कहा, इस विकास पर्व में आप सभी ने जिस सेवाभाव से पूरे वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया है, इसके लिए मैं वडोदरा के हर एक नागरिक को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उनकी सराहना करता हूं। जिस तरह से आपने 'स्वच्छता से स्वागत' अभियान चलाया है, उसके लिए भी मैं आपको बधाई देता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि हर परिवार में स्वच्छता का वातावरण बन गया है। उन्होंने कहा, इस बार जब गणेश जी पधारेंगे तो सारे आशीर्वाद बरसेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष लाल किले से मैंने विकसित भारत के लिए संकल्प की सप्तधारा का आह्वान किया है। इस सप्तधारा में एक धारा गतिशक्ति की भी है। विकसित भारत के लिए हमें ऐसी कनेक्टिविटी चाहिए, जो सुगम भी हो और जमाने के हिसाब से जरा तेज भी हो।
पीएम मोदी ने नमो फॉर विकसित भारत में टांडा रोड और वडोदरा के बीच मालगाड़ी सेवाओं और एक नई यात्री ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक विकसित भारत के लिए, हमें ऐसी कनेक्टिविटी चाहिए जो न सिर्फ आसान हो, बल्कि समय के साथ चलने के लिए काफी तेज भी हो। वडोदरा गति शक्ति यूनिवर्सिटी का घर है। आज, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के आखिरी लिंक भी यहीं से जुड़ गए हैं। 2,800 किलोमीटर से अधिक लंबा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट आज पूरा हो गया है। 21वीं सदी के भारत के लिए सच में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल हुआ है।
पीएम मोदी ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस बात का सबूत है कि पिछले 12 सालों में देश का वर्क कल्चर कैसे बदला है। इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का कॉन्सेप्ट सबसे पहले 2004 में आया था। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 2006 में एक खास कंपनी बनाई गई थी। फिर भी, 2014 तक फाइलें बस आगे-पीछे होती रहीं। वे बस एक टेबल से दूसरी टेबल पर जाती रहीं। और अजीब बात देखिए इन फाइलों को भी डेडिकेटेड कॉरिडोर का फायदा नहीं मिला।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) को विशेष तौर पर केवल मालगाड़ियों (कंटेनर और कार्गो) की आवाजाही के लिए विकसीत किया गया है। यह एक उच्च गति और हाई-कैपेसिटी वाली समर्पित रेलवे लाइन है। इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक रेलवे ट्रैक पर यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के कारण होने वाली भीड़भाड़ को कम करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं के लिए AI में काबिल होना भी उतना ही जरूरी है। हम चाहते हैं कि हमारी युवा पीढ़ी AI-रेडी हो, ऐसा नहीं है कि AI में काबिल लोगों की जरूरत सिर्फ IT सेक्टर तक ही सीमित है। इस स्किल सेट वाला कोई भी व्यक्ति खेती के लिए नए AI सॉल्यूशन बना सकता है, हेल्थकेयर सेक्टर के लिए टेक्नोलॉजी डेवलप कर सकता है, मैन्युफैक्चरिंग में प्रोडक्टिविटी बढ़ा सकता है, या रोबोटिक्स में स्टार्टअप शुरू कर सकता है।