Highlights
NIA ने आतंकी संगठन के संपत्ति को किया जब्त
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का कनेक्शन आया सामने
गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा आतंकियों को अपने घर में देता था पनाह
Major NIA Action In Jammu And Kashmir: देश की सुरक्षा के लिहाज से जांच एजेंसियां सक्रिय रुप से काम कर रही हैं। संवेदनशील इलाकों में सर्च अभियान चलाकर आतंकी गतिविधियों को रोकने और उनके मंसूबे को नाकाम करने का प्रयास लगातार जारी है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई की है।
आतंकवादी षड्यंत्र से जुड़े एक मामले में एनआईए ने गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा गैस की संपत्ति जब्त की है। गुलाम आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। मामला 31 मार्च को जम्मू कश्मीर पुलिस के संज्ञान में आया था। बाद में इस मामले में NIA ने जांच शुरू किया। करीब 6 महीने के जांच के बाद एनआईए ने कार्रवाई करते हुए गुलाम की संपत्ति के जब्त किया है।
गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा गैस की संपत्ति पर NIA ने कार्रवाई की है। गुलाम आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। 6 अप्रैल 2026 को श्रीनगर के हज़रतबल इलाके के दनिहामा में गुलाम मोहम्मद मीर के घर पर तलाशी के दौरान दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी मिले, जिनकी पहचान अबू हुरैरा और खुबैब के तौर पर हुई।
ये कथित तौर पर LeT से जुड़े थे। उस जगह से विस्फोटक जैसा पदार्थ, डिजिटल डिवाइस और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद और ज़ब्त किया गया। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने जानबूझकर अपनी रिहायशी प्रॉपर्टी आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाने के तौर पर दी थी और अपनी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल उनकी गतिविधियों में मदद के लिए करने दिया था।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने केस RC-02/2026/NIA/JMU के तहत श्रीनगर के हज़रतबल इलाके के दनिहामा गांव में खसरा नंबर 315 पर स्थित एक रिहायशी प्रॉपर्टी को ज़ब्त किया है। यह प्रॉपर्टी आरोपी गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ 'मामा गैस' की है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ी सीमा-पार आतंकवादी साजिश से संबंधित है। NIA के डायरेक्टर जनरल से ज़रूरी मंज़ूरी लेने के बाद, UA (P) एक्ट, 1967 की धारा 25 के तहत यह प्रॉपर्टी ज़ब्त की गई। जांच में इस प्रॉपर्टी और आतंकवादी साजिश के बीच सीधा संबंध पाया गया है, क्योंकि इस जगह का इस्तेमाल कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकवादियों को पनाह देने और आतंकी नेटवर्क से जुड़े आपत्तिजनक सामान को छिपाने के लिए किया जाता था।
एनआईए जांच एजेंसी है जो कि आतंकवादी षड्यंत्र से जुड़े मामलों में जांच करती है। देश की सुरक्षा के लिहाज से जांच एजेंसियां आरोपियों की भूमिका, उनके संपर्कों और संपत्तियों से संबंधित पहलुओं की पड़ताल करती हैं। जांच के दौरान यदि किसी संपत्ति का संबंध कथित आतंकवादी गतिविधियों से सामने आता है, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत उसे जब्त या कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।