Highlights:
दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ FIR दर्ज की।
JNU की 11 महिला छात्रों ने कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी।
पुलिस मामले की जांच कर रही है।
BJP महिला मोर्चा ने राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
JNU Sexual Harassment Case: दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में कांग्रेस सांसद और प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम द्वारा कथित तौर पर 11 महिला छात्राओं के यौनशोषण के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में यूनिवर्सिटी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर की शिकायत पर अकोइजम के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है। वहीं बीजेपी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं की चुप्पी को लेकर प्रदर्शन किया।
अधिकारियों के मुताबिक, रविवार (11 अक्टूबर) को वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 75(1) (i), 75(1) (iv) और 79 के तहत FIR दर्ज की गई थी। FIR में कांग्रेस सांसद और बर्खास्त जेएनयू प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम का नाम शामिल है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मई में कम से कम 11 महिला छात्रों ने अकोइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि उन्होंने छात्रों को बैठकों या समारोहों के बहाने अपने कैंपस आवास पर बुलाया और उनका यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कक्षा में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां की। बताया गया है कि आरोपों और शिकायतों की जांच विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें बर्खास्त करने के फैसले से पहले की गई थी।
इस मामले को लेकर सोमवार को दिल्ली में भाजपा के महिला मोर्चा और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा नेता और लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि, उनका प्रदर्शन कांग्रेस और राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर है। वह चुनिंदा मुद्दों को चुनकर बोलते हैं। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि उनके नेता क्यों इतने बड़े मामले को लेकर चुप हैं।
इससे पहले रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए कांग्रेस, विशेष रूप से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से सवाल किया था और पूछा था कि क्या एलओपी की 'पितृसत्ता को नष्ट करो' वाली टिप्पणी एक महज राजनीतिक बयानबाजी है।
बांसुरी स्वराज ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंन्स करते हुए कहा था कि जब हम मां शैलपुत्री की पूजा कर रहे हैं, मैं आपके सामने इस देश की बेटियों से संबंधित एक बहुत ही गंभीर मुद्दा ला रही हूं। यौन दुर्व्यवहार के आरोप में जेएनयू ने कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। 2024 में, एक या दो नहीं बल्कि 11 छात्रों ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज की थी। जेएनयू ने पॉश अधिनियम के तहत एक आंतरिक समिति का गठन किया, जिसने विस्तृत जांच के बाद अकोइजाम को तुरंत बर्खास्त कर दिया।
कांग्रेस सांसद के खिलाफ आरोपों का हवाला देते हुए बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी की पिछली 'पितृसत्ता को तोड़ो' टिप्पणी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि क्या 'स्मैश द पैट्रियार्की' आपके लिए केवल एक राजनीतिक बयानबाजी है? ऐसा लगता है कि यह घटना कांग्रेस के पाखंड को दर्शा रही है। उनके लिए, नारीवाद एक हैशटैग से शुरू होता है और जब जवाबदेही की बात आती है तो समाप्त हो जाता है।
उन्होंने तर्क दिया कि यह आश्चर्य की बात है कि कांग्रेस आलाकमान-चाहे वह राहुल गांधी हों, प्रियंका गांधी हों, मल्लिकार्जुन खड़गे हों या सोनिया गांधी हों, उन्होंने इस पर एक भी शब्द नहीं बोला है। इस घटना पर चुप रहने का मतलब है कि वे कहीं न कहीं कथित यौन शिकारी के आचरण का समर्थन कर रहे हैं। विपक्ष के नेता से सवाल करते हुए भाजपा सांसद ने पूछा कि क्या महिलाओं का सम्मान सिर्फ एक नारा होने तक ही सीमित है और यह कांग्रेस पार्टी की नीति नहीं है।