प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- एएनआई 
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EV जैसे विकल्प अपनाएं लोग, दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए IBA ने दिए कई सुझाव

IBA के चेयरमैन गौरव केडिया ने कहा कि सरकार को इलेक्ट्रिक वाहनों और सीएनजी या सीबीजी वाहनों पर सब्सिडी देनी चाहिए क्योंकि इससे लोग ग्रीन एनर्जी विकल्पों की ओर रुख करने के लिए मजबूर होंगे।

रीना पंवार

नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए भारतीय बायोगैस एसोसिएशन (IBA) ने कई महत्वपू्र्ण सुझाव दिए हैं। IBA ने दिल्ली NCR के लोगों को वायु प्रदूषण से निपटने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) या नैचुरल गैस पर आधारित गाड़ियों को अपनाने के लिए कहा है। इसके साथ ही उसने दिल्ली एनसीआर में चार पहिया वाहनों के लिए ऑड-ईवन नियम लागू करने का सुझाव भी दिया है।

पीटीआई-भाषा से बातचीत में IBA के चेयरमैन गौरव केडिया ने कहा, “हम आने वाले महीनों में पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए ऑड-ईवन नियम लागू करने की सिफारिश करते हैं ताकि दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर पर सकारात्मक प्रभाव देखा जा सके और इलेक्ट्रिक वाहनों और सीएनजी/सीबीजी वाहनों पर सब्सिडी दी जाए, क्योंकि इससे लोग ग्रीन एनर्जी विकल्पों की ओर रुख करने के लिए मजबूर होंगे।”

दिल्ली में AIQ लगातार 400 के पार

गौरतलब है कि ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-4) उपायों के तहत, चार पहिया वाहनों के लिए ऑड/ईवन नियम लागू किया जाता है। एअर क्वालिटी इंडेक्स 450 के भी पार जाने पर इस तरह के उपाय अपनाए जाते हैं जो कि वायु प्रदूषण की अति गंभीर स्थिति है। दिल्ली में पिछले कई दिनों से एअर क्वालिटी इंडेक्स पहले से ही 400 के पार बना हुआ है जिससे यहां के लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है। वायु प्रदूषण के कारण लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)ने कुछ दिन पहले ही वायु गुणवत्ता के ‘गंभीर' श्रेणी में बने रहने के साथ ही यहां GRAP-3 उपाय लागू कर दिए हैं। दिल्ली-एनसीआर की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

वायु प्रदूषण कम करने के लिए IBA ने दिए सुझाव

सर्दियों का मौसम आते ही दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति और खराब हो जाती है। इस दौरान यहां मौसमी एअर क्वालिटी इंडेक्स (AQI)लगातार 300 अंक से ऊपर बना रहता है जो वायु प्रदूषण की खराब स्थिति हो दिखाता है। वायु की लगातार गिरती गुणवत्ता के कारण दिल्ली दुनिया भर के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक हो गई है। पड़ोसी राज्यों में फसल अवशेष और खास तौर से धान के भूसे (पराली) जलाने के कारण यहां वायु प्रदूषण की स्थिति और भी बद्दतर हो जाती है। IBA के चेयरमैन गौरव केडिया ने सुझाव दिया कि सरकार को बिजली बिलों पर कम शुल्क, पीएनजी कनेक्शन और घरों के लिए एलपीजी सिलेंडर जैसी प्रोत्साहन योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो जैविक कचरे को प्रभावी ढंग से अलग करते हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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