नई दिल्लीः चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश को अपने अधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर दिए गए सार्वजनिक बयान को लेकर जवाब मांगा है। कांग्रेस नेता ने एक जून को कहा था कि मतगणना से दो दिन पहले गृहमंत्री ने 150 कलेक्टर को कॉल किया और उन्हें धमकाया है। आयोग ने रमेश को आगे की कार्रवाई के लिए 2 जून शाम तक उनके बयान से जुड़ी तथ्यात्मक जानकारी और विवरण मांगा है।
चुनाव आयोग ने रविवार को शाम 7 बजे तक कांग्रेस नेता जयराम रमेश से उस दावे को लेकर विवरण मांगा है। साथ ही आयोग ने रमेश के पोस्ट का हवाला दिया जिसमें उन्होंने दावा किया था कि निवर्तमान गृह मंत्री जिला अधिकारियों/कलेक्टरों को फोन कर रहे हैं। अब तक उन्होंने इनमें से 150 से बात की है। यह खुलेआम और निर्लज्ज धमकी है जो दिखाती है कि भाजपा कितनी हताश है। यह स्पष्ट हो जाए कि लोगों की इच्छा की जीत होगी, और चार जून को मोदी, शाह और भाजपा बेदखल हो जाएंगे। इंडिया जनबंधन की जीत होगी। अधिकारियों को किसी भी दबाव में नहीं आना चाहिए और संविधान को कायम रखना चाहिए। वे निगरानी में हैं।
जयराम रमेश ने बीते एक जून को एक्स पोस्ट में कहा था कि निवर्तमान गृह मंत्री आज सुबह से ज़िला कलेक्टर्स से फ़ोन पर बात कर रहे हैं। अब तक 150 अधिकारियों से बात हो चुकी है। अधिकारियों को इस तरह से खुल्लमखुल्ला धमकाने की कोशिश निहायत ही शर्मनाक है एवं अस्वीकार्य है। याद रखिए कि लोकतंत्र जनादेश से चलता है, धमकियों से नहीं। उन्होंने यह भी लिखा था कि जून 4 को जनादेश के अनुसार नरेन्द्र मोदी, अमित शाह व भाजपा सत्ता से बाहर होंगे एवं INDIA जनबंधन विजयी होगा। अधिकारियों को किसी प्रकार के दबाव में नहीं आना चाहिए व संविधान की रक्षा करनी चाहिए। वे निगरानी में हैं।
जयराम रमेश ने एग्जिट पोल को भी फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन को 295 सीट मिलने वाली है। एग्जिट पोल के आंकड़े झूठे है, क्योंकी नरेंद्र मोदी और अमित शाह मनोवैज्ञानिक खेल खेल रहे है।