Highlights
ड्राइविंग लाइसेंस में नाम और पता बदलने की फीस खत्म करने का प्रस्ताव।
आधार प्रमाणीकरण से मिलने वाली कुछ ऑनलाइन सेवाएं शुल्क मुक्त हो सकती हैं।
लाइसेंस पर ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर दर्ज करने का सुझाव।
Driving Licence Name Change: ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के लिए राहत की खबर आ सकती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन के लिए एक मसौदा प्रस्ताव जारी किया है। इसके तहत ड्राइविंग लाइसेंस में नाम और पते जैसी व्यक्तिगत जानकारी बदलने पर लगने वाली फीस समाप्त करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, आधार प्रमाणीकरण के जरिए पूरी की जाने वाली कुछ ऑनलाइन सेवाओं को भी शुल्क मुक्त करने का प्रस्ताव है। हालांकि, ये बदलाव अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुए हैं।
Driving Licence में कौन-से बदलाव प्रस्तावित हैं?
मंत्रालय के मसौदे के मुताबिक, लाइसेंस में नाम, पता और अन्य व्यक्तिगत विवरण बदलने के लिए शुल्क खत्म किया जा सकता है। आधार प्रमाणीकरण के जरिए उपलब्ध चुनिंदा ऑनलाइन सेवाओं पर भी फीस माफ करने का प्रस्ताव है। किन सेवाओं को इस छूट में शामिल किया जाएगा, यह अंतिम अधिसूचना से स्पष्ट होगा।
प्रस्ताव में नए और रिन्यू किए गए ड्राइविंग लाइसेंस पर ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर दर्ज करना भी अनिवार्य करने का सुझाव दिया गया है। इसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में संबंधित व्यक्ति की पहचान और उसके परिजनों से संपर्क करने में मदद करना है।
मंत्रालय ने भारतीय और विदेशी नागरिकों के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अलग-अलग प्रारूप निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, लाइसेंस को फॉर्म-7 के तहत लैमिनेटेड कार्ड या पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) कार्ड के रूप में जारी करने का सुझाव दिया गया है।
Driving Licence के दस्तावेजों और सेफ ड्राइविंग टेस्ट में बदलाव
ड्राफ्ट में पहचान, उम्र और पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज स्वीकार करने का प्रस्ताव है। कुछ परिस्थितियों में हलफनामे और जीवन बीमा पॉलिसी को भी प्रमाण के रूप में स्वीकार करने की बात कही गई है।
सेफ ड्राइविंग ट्यूटोरियल के लिए न्यूनतम पासिंग अंक 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने और इसकी अवधि कम से कम 30 मिनट रखने का सुझाव दिया गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, लाइसेंसिंग अथॉरिटी को विवरण बदलने के आवेदन पर 15 दिनों के भीतर मंजूरी देने या अस्वीकार करने का निर्णय लेना होगा। आवेदन खारिज करने पर कारण बताना भी जरूरी हो सकता है।
मंत्रालय ने मसौदा अधिसूचना पर 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इनके परीक्षण के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसलिए फीस माफी और अन्य बदलावों को फिलहाल लागू नियम नहीं माना जाना चाहिए। इनकी वास्तविक शुरुआत अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।