Delhi CJP Protest Live: सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर हमलावर नजर आए। उन्होंने कहा आपने तिरंगा फहराने को भी कानून का उल्लंघन बता दिया है। किसके लिए? ज्ञानेश कुमार के लिए? ज्ञानेश कुमार नरेंद्र मोदी को क्या दे रहे हैं? आपने दिल्ली को ठप कर दिया है, रेलवे बंद कर दिया है, मेट्रो बंद कर दी है और दिल्ली को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की तरह एक बॉर्डर में बदल दिया है। आपने दिल्ली में तमाम सुरक्षा बलों को बुला लिया है।
छात्र संगठनों को घसीटा गया है, विपक्ष को घसीटा गया है, और पूर्व मुख्यमंत्रियों को सड़कों पर घसीटा गया है। क्या यह सब सिर्फ एक ज्ञानेश कुमार के लिए है? ज्ञानेश कुमार नरेंद्र मोदी के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं? हम यह क्यों न मानें कि ज्ञानेश कुमार चुनाव जीतने में नरेंद्र मोदी की मदद कर रहे हैं? अगर वह चुनाव जीतने में उनकी मदद नहीं कर रहे हैं, तो नरेंद्र मोदी उन्हें इतनी सुरक्षा क्यों दे रहे हैं?"
राहुल गांधी के आचरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा, राहुल गांधी को कोई फटकार नहीं लगा सकता। गांधी परिवार ने देश को बहुत कुछ दिया है। गांधी परिवार के कारण ही आज हम लोग यहां हैं। सुप्रीम कोर्ट पर मैं टिप्पणी नहीं करूँगा लेकिन देश के प्रधानमंत्री को चाहिए था कि गट्टा पकड़ के ज्ञानेश कुमार को हटा दें। जिस तरह से अंग्रेजों ने सीने में गोली मारी, ये भाजपा के लोग हमारे अधिकार पर गोली मार रहे हैं। ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राहुल गांधी को लेकर बीजेपी ने कहा है कि राहुल का काम और उनकी नीति केवल अराजकता फैलाना है। बीजेपी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कांग्रेस कानून विरोधी पार्टी है। गौरव भाटिया ने आगे कहा राहुल महिलाओं का सम्मान नहीं करते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, एक्टर प्रकाश राज ने आरोप लगाया कि मुस्लिम वोटर्स के नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा इसे कर्नाटक के 23 जिलों के उन लोगों की आवाज़ को चुपचाप मिटाना है जो दिल्ली नहीं पहुंच सकते।
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया हमलावर होते हुए कहा कि राहुल गांधी भारतीय लोकतंत्र में अराजकता की साक्षात मिसाल बन गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के मद्देनजर मैं आपके सामने कुछ तथ्य रखना चाहता हूँ। हम सभी जानते हैं कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और देश भर के लोग इसे दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं कि एक ऐसा अराजक, अपरिपक्व और गैर-जिम्मेदार व्यक्ति, जिसे संविधान की कोई समझ नहीं है, इस पद पर बैठा है।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और CJP संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा की जा रही प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अफरा-तफरी मच गई।