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फ्लाईदुबई की घटना पर कैप्टन मच्छार का बयान
कॉकपिट का दरवाजा खोलने से पहले उनपर कई वार
मुंह के बल गिरने से पहले दरवाजा खोलने में कामयाब रहे
Flydubai Incident: फ्लाईदुबई की घटना के 18 दिन बीत चुके हैं। फ्लाइट के पायलट स्मित मच्छार ने एक इंटरव्यू के दौरान घटी पूरी घटना के बारे में दुनिया को बताई। उन्होंने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खोलने से पहले ही को-पायलट ने उन पर कई वार किए। यूएई के सरकारी अखबार 'द नेशनल' को दिए एक इंटरव्यू में कैप्टन मच्छर ने बताया कि उनकी नजरें धुंधलाने लगी थीं। उन्होंने कहा कि कॉकपिट में मुंह के बल गिरने से पहले वे दरवाजा खोलने में कामयाब रहे।
घटना के बारे में बताते हुए कैप्टन मच्छर ने कहा कि जब मुझे पहली बार चोट लगी... तो मुझे लगा कि शायद विमान के ढांचे में कुछ बहुत बुरा हुआ है और वह मेरे सिर पर आ गिरा है। इस वजह से मैं लगभग अपने कंट्रोल कॉलम पर ही गिर गया था। अगले कुछ सेकंड में, जब लगातार वार होते रहे, तब मुझे एहसास हुआ कि यह उनके ही टीम के लोग हैं।
पायलट मच्छार ने बताया कि मेरा पहला काम सीट बेल्ट से खुद को आजाद करना था। मैंने वार को जितना हो सके रोकने की कोशिश की, क्योंकि वे सीधे सिर पर लग रहे थे... जैसे ही कुछ वार हुए, मेरी देखने की क्षमता बहुत सीमित हो गई। मुझे लगभग कुछ दिखना बंद हो गया था, बस चीजों की धुंधली रूपरेखा ही नजर आ रही थी। उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि तुरंत ही, मेरा हाथ दरवाजा खोलने वाले नॉब की तरफ गया। और मैं अपने साथियों को बुलाने लगा। मुझे लगता है कि उसी समय मैं बेहोश हो गया। मैं कॉकपिट में मुंह के बल गिर गया।
उन्होंने आगे कहा कि जब विमान 17,000 फीट नीचे गिरा, तो सबसे डरावनी बात जो मैंने सुनी और महसूस की, वह थी इंजनों का धीमा होकर बंद होना। कैप्टन मच्छार ने कहा कि उन्हें को-पायलट पर कोई शक नहीं था। अगर जमीन पर या कहीं और पहले से कोई ऐसा संकेत मिला होता, तो जाहिर है, मैं जरूर कुछ करता। मैं आवाज उठाता। मैं इस तरह की चीजों पर सवाल जरूर पूछता।
आगे कहा कि इस भयानक घटना के बाद भी कहा कि एविएशन के लिए उनका प्यार बिल्कुल खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मुझे बस इस बात की खुशी है कि मैं अपना फर्ज निभा पाया। कैप्टन मच्छार फिलहाल अबू धाबी के जायेद मिलिट्री अस्पताल में ठीक हो रहे हैं।
भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने फ्लाईदुबई घटना की जांच के लिए एंटी-हाइजैकिंग एक्ट की धारा 3 और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट की धारा के साथ केस दर्ज किया है। FIR में कैप्टन मच्छार पर हमला करने वाले आरोपी की पहचान फ्लाईदुबई की फ्लाइट नंबर 1073 के ओमान के फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर की गई है।
घटनाक्रम को लेकर FIR में कहा गया है कि ओमान के को-पायलट ने कैप्टन मच्छर पर चाकू से हमला किया। ऐसा लगता है कि वह विमान को हाईजैक करने या उसे क्रैश करने की कोशिश कर रहा था।