रामपुर में रेलवे ट्रैक पर मिला लोहे का खंभा (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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देश में बढ़ते रेल हादसों के पीछे साजिश की आहट? रामपुर में दून एक्सप्रेस को डीरेल करने की कोशिश!

देश में हाल के दिनों में रेल के पटरी से डीरेल होने और दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ताजा मामला रामपुर से सामने आया है। यहां बिलासपुर और रुद्रपुर सिटी के बीच दून एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की कोशिश की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर देश में रेल दुर्घटनाओं के पीछे क्या कोई सुनियोजित साजिश चल रही है?

अभिषेक सिंह

नई दिल्ली: देश में हाल के दिनों में रेल के पटरी से डीरेल होने और दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। जिसे लेकर तरह-तरह की आशंकाए जताई जा रही हैं। ताजा मामला रामपुर से सामने आया है। यहां एक ट्रेन का ट्रैक बाधित किया गया है, बताया जा रहा है कि बिलासपुर और रुद्रपुर सिटी के बीच दून एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की कोशिश की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर देश में रेल दुर्घटनाओं के पीछे क्या कोई सुनियोजित साजिश चल रही है?

रामपुर में ट्रेन नंबर-12091 के लोको पायलट को ट्रैक पर 6 मीटर लंबा लोहे का खंभा मिला है। ड्राइवर ने ट्रेन रोककर ट्रैक को साफ किया और फिर ट्रेन को सुरक्षित निकाल लिया। जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात 10:18 बजे ट्रेन नंबर-12091 के लोको पायलट ने रुद्रपुर सिटी के स्टेशन मास्टर को सूचना दी कि उन्हें बिलासपुर रोड और रुद्रपुर सिटी के बीच रेलवे ट्रैक पर 6 मीटर लंबा लोहे का खंभा मिला है। इसके बाद ड्राइवर ने ट्रेन रोककर ट्रैक को साफ किया। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित आगे बढ़ाया गया।

मथुरा में डीरेल हुई मालगाड़ी

बीते कल मथुरा में अज्ञात वजहों के चलते मालगाड़ी के 20 से ज्यादा डिब्बे पटरी से उतर गए। जिसके बाद दिल्ली-मथुरा रूट कई घंटों तक बाधित रहा। जिसकी वजह से करीब 15 यात्री ट्रेनों को रोकना पड़ा, और हजारों यात्री परेशान रहे। हालांकि गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई थी।

बाल-बाल बची थी कालिंदी एक्सप्रेस

कुछ दिनों पहले ही कानपुर में रेलवे ट्रैक पर एलपीजी सिलेंडर रखा गया था जिसके बाद यहां से गुजर रही कालिंदी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई थी। इसके बाद अजमेर में भी रेलवे ट्रैक पर सीमेंटेड ब्लॉक रखा गया था। वहीं, यूपी के गाजीपुर जिले में रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का एक बड़ा टुकड़ा मिला था। जो इंजन में फंस गया था। इस कारण से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस में टेक्निकल फॉल्ट आ आ गया था और यह करीब 2 घंटे तक खड़ी रही थी।

शिकार होते-होते बची थी साबरमती

इसके अलावा 16-17 अगस्त की रात कानपुर-झांसी रूट पर साबरमती एक्सप्रेस (19168) के 22 डिब्बे इंजन समेत पटरी से उतर गए थे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई थी। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के ड्राइवर ने बताया था कि इंजन से बोल्डर टकराने की वजह से यह हादसा हुआ था। फिलहाल इस हादसे की भी जांच की जा रही है।

इन सभी घटनाओं को देखते हुए रेलवे ट्रैक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ​​जहां दिन में लोगों को जागरूक करने के साथ ही गश्त कर रही हैं, वहीं रात में भी पुलिस की टीम रेलवे ट्रैक पर गश्त कर रही है। लेकिन इस समस्या के समाधान के लिए रेल मंत्रालय को कठोर कदम उठाने होंगे। इन मामलों की गहराई से जांच करनी होगी। जिससे यह पता चल सके कि इन घटनाओं के पीछे कोई साजिश तो नहीं है?

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