Attack on Assam Rifles: मणिपुर से बड़ी खबर आ रहा है, जहां असम राइफल के जवानों पर अज्ञात हमलावारों ने गोलाबारी कर दी। यह हमला शाम करीब 6 बजे नम्बोल सबाल लाइकाई के पास हुआ। हमले के समय असम राइफल्स के जवान टाटा 407 से बिश्नुपुर की तरह जा रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
मिली जानकारी के अनुसार हमले में गंभीर रूप से घायल 2 जवान शहीद हो गए हैं, जबकि कई जवान घायल हैं। घायलों को पास के अस्पताल में इलाज के भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस घटनास्थल की फोरेंसिक जांच कर रही है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हमला अचानक हुआ था। कई बंदूकधारियों ने काफिले अचानक फायरिंग शुरू कर दी और कई राउंड फायरिंक की। हमलावरों में की शिनाख्त नहीं हो पाई है। घटना के बाद असम राइफल्स और स्थानीय पुलिस मिलकर इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हमला किसी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है। काफिले के रास्ते में किसी प्रकार की सुरक्ष व्यवस्था में चूक हुई थी या नहीं इसकी जांच की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही घायलों को त्वरित और अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि इससे पहले 10 नवंबर 2024 को जिरिबाम में सीआरपीएफ के जवानों ने करीब 10 कुकी उग्रवादियों को ढेर कर दिया था। इस एनकाउंटर में सीआरपीएफ का एक जवान भी घायल हो गया था। कुकी उग्रवादियों ने सीआरपीएफ कैंप और पुलिस चौकी पर हमला किया था। अब असम राइफल्स के काफिले पर हमले को उसी एनकाउंटर से जोड़ कर देखा जा रहा है।
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इस हमले के बाद एक बार फिर मणिपुर में शांति के प्रयासों को झटका लगा है। खास बात यह है कि यह हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के कुछ दिन ही बाद हुआ है। जबिक उम्मीद थी मणिपुर के दिन बहुरेंगे और लोग चैन की नींद सोएंगे।