स्वस्थ आंत माइक्रोबायोम (सौ.सोशल मीडिया) 
हेल्थ

आंत में बहुत अधिक एंटरोबैक्टीरियासी होती है सेहत के लिए खतरा, डाइट में शामिल करें फाइबर युक्त भोजन

आंत माइक्रोबायोम की संरचना क्लेबसिएला निमोनिया, ई.कोली और अन्य कीटाणुओं से पीड़ित व्यक्ति में जीवन के लिए ख़तरा पैदा करने वाले संक्रमण की संभावित संभावनाओं का अनुमान लगाने में मदद कर सकती है।

दीपिका पाल

Health News: एक अच्छी सेहत के लिए खानपान का सही होना बेहद जरूरी होता है मौसम के बदलने के साथ खानपान में भी बदलाव देखने के लिए मिलता है। कई बार खाने में कई अनहेल्दी चीजों का सेवन करने से सेहत पर खराब असर पड़ने लगता है। यहां पर पेट की गंभीर समस्याओं के लिए डाइट फाइबर युक्त होनी चाहिए इसमें 'नेचर माइक्रोबायोलॉजी' में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक आंत माइक्रोबायोम की संरचना क्लेबसिएला निमोनिया, ई.कोली और अन्य कीटाणुओं से पीड़ित व्यक्ति में जीवन के लिए ख़तरा पैदा करने वाले संक्रमण की संभावित संभावनाओं का अनुमान लगाने में मदद कर सकती है।

जानिए रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा

आपको बताते चलें कि, एक स्वस्थ व्यक्ति की आंत पर खानपान का असर पड़ता है। यहां पर रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोबायोम में एंटरोबैक्टीरियासी नामक बैक्टीरिया के समूह का स्तर कम होता है. जिसमें क्लेबसिएला न्यूमोनिया, शिगेला, ई.कोली और अन्य शामिल हैं। इसके अलावा शरीर में सूजन बढ़ने या दूषित भोजन खाने जैसे कारक बीमारी और रोग का कारण बन सकते है। यहां पर जब आंत में बहुत अधिक एंटरोबैक्टीरियासी बढ़ जाती है तो, जीवन को खतरा पहुंचता है। इस रिसर्च को पूरी करने के लिए शोधकर्ताओं ने 45 देशों के 12,000 से अधिक लोगों के मल के नमूनों से उनकी आंत माइक्रोबायोम संरचना का विश्लेषण करने के लिए AI सहित कम्प्यूटेशनल दृष्टिकोण का उपयोग किया।

रिसर्च में क्या लगाया पता

आपको बताते चलें कि, यहां पर रिसर्च के दौरान 135 आंत माइक्रोब प्रजातियों की पहचान की जो आमतौर पर एंटरोबैक्टीरियासी की अनुपस्थिति में पाई जाती हैं वहीं पर जिसका कार्य ऐसे यह संभवतः संक्रमण से बचाता है। फेकैलिबैक्टीरियम नामक बैक्टीरिया का एक समूह हमारे द्वारा खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में फाइबर को तोड़कर शॉर्ट-चेन फैटी एसिड नामक लाभकारी यौगिक बनाता है जो सुरक्षात्मक आंत प्रजातियों में से एक है।

फाइबर युक्त भोजन से पाएं राहत

आपको बताते चलें कि, अगर आप अपनी आंत को बेहतर बनाना चाहते है तो यहां पर डाइट बदलना बेहद जरूरी है। इसे लेकर रिसर्चर का कहना है कि, अगर आप अपनी डाइट में अधिक फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने से अच्छे बैक्टीरिया के विकास में मदद मिल सकती है और बुरे बैक्टीरिया को हटाया जा सकता है। इसमें बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है तो वहीं पर ई.कोली और क्लेबसिएला न्यूमोनिया सहित कई प्रकार के बैक्टीरिया से संक्रमण की संभावना को नियंत्रित करने में संभावित रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।

बताया जाता है कि, इस डाइट में सब्ज़ियों, बीन्स और साबुत अनाज जैसे खाद्य पदार्थों में फाइबर खाने से हम अपने आंत के बैक्टीरिया को शॉर्ट-चेन फैटी एसिड बनाने के लिए कच्चा माल प्रदान कर सकते हैं।

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