Protein Health Tips: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी पोषक तत्वों का होना बहुत ही जरूरी हैं। इन पोषक तत्वों में प्रोटीन भी शामिल है। यह मांसपेशियों के निर्माण, ऊतकों की मरम्मत और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मुख्य भूमिका निभाता है। यह हमारे शरीर की कोशिकाओं और अंगों को ठीक से काम करने की शक्ति देता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि, शरीर में प्रोटीन की कमी से थकान या कमजोरी जैसी सामान्य समस्याएं देखने लगते हैं, लेकिन लंबे समय तक कमी रहने पर गंभीर स्वास्थ्य परेशानियां भी हो सकती हैं।
आजकल अनियमित खानपान, फास्ट फूड और असंतुलित डाइट के कारण कई लोग अनजाने में प्रोटीन की कमी का शिकार हो रहे हैं। खासकर बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और जिम करने वाले लोगों को पर्याप्त प्रोटीन की जरूरत होती है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर इसका असर मांसपेशियों पर पड़ता है। प्रोटीन मसल्स की ग्रोथ और रिपेयर के लिए जरूरी होता है। इसकी कमी होने पर शरीर धीरे-धीरे मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है।
इससे ताकत कम होने लगती है, शरीर जल्दी थक जाता है और रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल लग सकता है। लंबे समय तक कमी रहने पर मसल्स लॉस का खतरा बढ़ जाता है।
शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर सिर्फ मसल्स लॉस ही नहीं होता है बल्कि इसका असर बाल और नाखून पर भी पड़ता हैं। बाल और नाखून मुख्य रूप से प्रोटीन से बने होते हैं। जब शरीर में इसकी कमी होती है तो बाल बेजान होकर झड़ने लगते हैं और नाखून पतले व कमजोर हो जाते हैं। कई बार नाखून आसानी से टूटने भी लगते हैं, जो प्रोटीन की कमी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में भी प्रोटीन की अहम भूमिका होती है। शरीर में पर्याप्त प्रोटीन न होने पर एंटीबॉडी बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसका परिणाम यह होता है कि व्यक्ति को बार-बार सर्दी, खांसी, वायरल संक्रमण और अन्य बीमारियां परेशान कर सकती हैं।
शरीर में किसी भी चोट या घाव को ठीक करने के लिए नई कोशिकाओं का निर्माण जरूरी होता है और इसमें प्रोटीन अहम भूमिका निभाता है। यदि शरीर में पर्याप्त प्रोटीन नहीं है तो घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और रिकवरी में अधिक समय लग सकता है ।
शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए रोजाना डाइट में दाल, राजमा, छोले और सोयाबीन जैसी चीजें शामिल करें।
दूध, दही, पनीर और छाछ जैसे डेयरी उत्पादों का नियमित सेवन करें।
अंडा, मछली और चिकन जैसे हाई-प्रोटीन फूड्स को संतुलित मात्रा में लें।
बादाम, मूंगफली, कद्दू के बीज और चिया सीड्स जैसे हेल्दी स्नैक्स खाएं।
हर भोजन में प्रोटीन का एक स्रोत जरूर शामिल करें ताकि पूरे दिन शरीर को पर्याप्त मात्रा मिल सके।
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेकर ही प्रोटीन सप्लीमेंट का इस्तेमाल करें।