Shweta Tiwari Marathi Culture Controversy: डिजिटल दुनिया के विस्तार के साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नेगेटिव और ट्रोलिंग का दायरा तेजी से बढ़ा है। टीवी और सिनेमा जगत की फेमस एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने हाल ही में महिलाओं के प्रति ऑनलाइन मंचों पर बढ़ रही अभद्रता को लेकर अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने इस बात पर गहरा दुख जताते हुए कहा है कि किस तरह सोशल मीडिया पर महिलाओं को नीचा दिखाना और उनके बारे में गलत टिप्पणियां करना अब आम बात बनती जा रही है।
हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में श्वेता तिवारी ने सोशल मीडिया के नेगेटिव प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में किसी भी महिला को बिना सोचे-समझे निशाना बना लेना बेहद आसान हो गया है। लोग कीबोर्ड के पीछे छिपकर दूसरों की जिंदगी पर टिप्पणियां करते हैं और उनका अपमान करते हैं। श्वेता तिवारी के अनुसार यह स्थिति न केवल चिंताजनक है बल्कि समाज की घटती संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।
श्वेता तिवारी ने कहा कि जब भी कोई महिला अपने विचार जाहिर करती है या अपनी पसंद के हिसाब से जीवन जीने की कोशिश करती है, तो उसे आलोचना का शिकार होना पड़ता है। लोग उसकी योग्यता और व्यक्तिगत निर्णयों पर उंगली उठाने में जरा भी समय नहीं गंवाते। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर महिलाओं को हर कदम पर नीचा दिखाना और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना इतना सामान्य क्यों मान लिया गया है। यह प्रवृत्ति अब धीरे-धीरे एक गंभीर सामाजिक समस्या का रूप ले रही है।
श्वेता तिवारी का मानना है कि सोशल मीडिया को लोगों को जोड़ने और सकारात्मक विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम होना चाहिए था। लेकिन दुर्भाग्य से यह दूसरों को अपमानित करने का औजार बनता जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दूसरों की निजता और आत्मसम्मान का ध्यान रखें। सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए ताकि किसी के मानसिक स्वास्थ्य और गरिमा पर ठेस न पहुंचे।
छोटे पर्दे से अपने करियर की शुरुआत करने वाली श्वेता तिवारी लंबे समय से एक्टिंग इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। एकता कपूर के शो 'कसौटी जिंदगी की' से पॉपुलर हुईं श्वेता ने कई टीवी शोज, रियलिटी प्रोग्राम्स और ओटीटी प्रोजेक्ट्स में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है। दो बच्चों की मां श्वेता अक्सर अपनी फिटनेस और स्वतंत्र विचारों के लिए जानी जाती हैं। उनके इस बयान ने एक बार फिर इंटरनेट पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर नई बहस छेड़ दी है।