आम आदमी से सुपरस्टार बने निरहुआ 
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आम आदमी से सुपरस्टार बने निरहुआ, जानें दिनेश लाल यादव की संघर्षभरी कहानी

Dinesh Lal Yadav Career: भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने एक आम इंसान से स्टार बनने तक लंबा सफर तय किया है। निरहुआ ने 2003 में गाने ‘निरहुआ सटल रहे’ से पहचान बनाई।

सोनाली झा

Dinesh Lal Yadav Struggle: भोजपुरी सिनेमा में जब भी लोकप्रिय कलाकारों की बात होती है तो दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ का नाम सबसे ऊपर आता है। बिहार-उत्तर प्रदेश की मिट्टी से निकलकर मुंबई तक अपनी पहचान बनाने वाले निरहुआ ने मेहनत, संघर्ष और लगन से सफलता की वो कहानी लिखी है, जो आज हर उभरते कलाकार के लिए प्रेरणा है।

दिनेश लाल यादव ने अपने करियर की शुरुआत बतौर भोजपुरी सिंगर की थी। साल 2003 में रिलीज़ हुआ उनका गाना ‘निरहुआ सटल रहे’ ने पूरे उत्तर भारत में धूम मचा दी थी। इसी गाने की लोकप्रियता के बाद उन्हें निरहुआ नाम मिला, जो आगे चलकर उनकी पहचान बन गया। तीन साल बाद, साल 2006 में उन्होंने अपनी पहली फिल्म ‘निरहुआ रिक्शावाला’ से एक्टिंग में कदम रखा।

दिनेश लाल यादव की करियर

फिल्म सुपरहिट रही और दिनेश लाल यादव ने भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी जगह पक्की कर ली। उस समय रवि किशन और मनोज तिवारी जैसे बड़े स्टार्स का दबदबा था, लेकिन निरहुआ ने अपनी अलग पहचान बनाई। पहली फिल्म की सफलता के बाद उन्होंने कई हिट फिल्में दीं जैसे कि ‘निरहुआ हिंदुस्तानी’, ‘पटना से पाकिस्तान’, ‘राजा बाबू’, ‘बॉर्डर’, और ‘सिपाही’। आज निरहुआ न सिर्फ एक्टर बल्कि सिंगर और प्रोड्यूसर के तौर पर भी जाने जाते हैं।

दिनेश लाल यादव की ऑनस्क्रीन जोड़ी

दिनेश लाल यादव की ऑनस्क्रीन जोड़ी आम्रपाली दुबे के साथ दर्शकों को बेहद पसंद आती है। दोनों ने करीब 25 फिल्मों में साथ काम किया है और दोनों की केमिस्ट्री को भोजपुरी सिनेमा की हिट जोड़ी कहा जाता है। दिनेश लाल यादव का जन्म 2 फरवरी 1979 को गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। वह एक मिडिल क्लास किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता किसान हैं और भाई प्रवेश लाल यादव भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं।

ऑनस्क्रीन जोड़ी की शादी

साल 2000 में निरहुआ ने मंशा देवी से शादी की थी, जिनसे उन्हें एक बेटा और एक बेटी हैं। हालांकि उनका परिवार लाइमलाइट से दूर रहता है। आज निरहुआ न केवल भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार हैं, बल्कि एक राजनेता और लोकसभा सांसद के रूप में भी सक्रिय हैं। उनकी यात्रा यह साबित करती है कि प्रतिभा और मेहनत के आगे कोई सीमा नहीं होती।

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