हादसे के बाद मौके पर कुछ ऐसे थे हालात, फोटो- सोशल मीडिया 
दिल्ली

विवेक विहार अग्निकांड: किसी के लिए बेड बनी चिता तो किसी ने सीढ़ियों पर तोड़ा दम; कैसे मरे 9 लोग, कारण क्या?

Delhi Vivek Vihar Fire Incident: शहादरा के विवेक विहार में अलसुबह भयावह घटना हुई। चार मंजिला इमारत में आग लगने से 9 लोगों की जान चली गई। तबाही के बाद का आलम देखकर राहत बचाव कर्मियों के भी होश उड़ गए।

प्रतीक पाण्डेय

Vivek Vihar Fire Tragedy: इंसानी आराम की एक ऐसी चीज, जिसके बिना इस भयावह गर्मी से निजात पाना कठिन लगता है, ने आज 9 जिंदगियां निगल लीं। दिल्ली के शहादरा में एसी में हुए ब्लास्ट के बाद एक चार मंजिला इमारत श्मशान में तब्दील हो गई।

ये अग्निकांड इतना भयावह था कि लोगों को संभलने और जान बचाने का मौका तक नहीं मिला। जिसने कोशिश भी की, उसे इलेक्ट्रिक लॉक ने जान गंवाने पर मजबूर कर दिया। कई जानें जाने का बड़ा कारण फ्लैट्स में लगा इलेक्ट्रिक ताला भी रहा।

इमारत में आठ फ्लैट्स थे, धू-धू कर जल उठा तीन फ्लोर

बताया जा रहा है कि इस चार मंजिला इमारत में आठ फ्लैट थे। इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिलें आग की वजह से पूरी तरह से जल गईं। इनमें रहने वाले सभी लोग या तो गंभीर रूप से झुलस गए या फिर उनकी मौत हो गई। हादसे में अब तक 9 लोगों के मरने की खबर सामने आ रही है जबकि एक दर्जन लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

कंकाल बने शव, पहचान भी मुश्किल

मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो इस अग्निकांड में सब कुछ तबाह हो गया। इसकी भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जान गंवाने वाले सभी लोग पहचान में भी नहीं आ रहे हैं। उनके शवों में सिर्फ कंकाल ही बचा रह गया है। इलाके के नगर पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि जब ऊपर जाकर देखा गया तो उन्होंने पाया कि दूसरे फ्लोर पर 6 शव और सबसे ऊपर सीढ़ियों पर तीन शव पड़े हैं। लूथरा ने कहा कि शवों की पहचान करना भी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि शवों के हाल ऐसे हैं कि बिना डीएनए किए शवों की शिनाख्त भी नहीं हो सकती।

किसी के लिए बेड बनी चिता तो किसी ने सीढ़ियों पर तोड़ा दम

जानकारी सामने आ रही है कि सभी 9 लोगों ने खुद को बचाने की भरसक कोशिश की। शव बेड पर ऐसे जला पाया गया, मानो बिस्तर ही चिता बन गया हो। कोई सीढ़ियों से छत पर जाकर जान बचाने की कोशिश करते समय आग की चपेट में आ गया। सीढ़ियों पर मिले शव ये गवाही दे रहे हैं कि आग बेहद विकराल थी।

इलेक्ट्रिक लॉक के चलते कैद हुए लोग

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि फ्लैट्स में इलेक्ट्रिक लॉक भी लगे हुए थे। आग लगने के बाद पावर कट हुआ और लॉक्स ने काम करना बंद कर दिया। लोग अपने फ्लैट्स और कमरे में ही बंद होकर रह गए। दम घुटने और आग की लपटों ने आखिरकार उन्हें मौत के मुंह में धकेल दिया। इस हादसे के बाद मौके पर लोग रोते बिलखते नजर आए। तस्वीरों को देखने पर पता चलता है कि आग का रूप बेहद विकराल था। शायद किसी को अंदाजा भी नहीं था कि गर्मी में ठंडक देने वाली एसी एक दिन उनकी जान ले लेगी।

क्या बोले आला अधिकारी?

मृतकों में कौन-कौन?

इस हादसे में 9 लोगों की जान गई है। लिस्ट इस प्रकार है-

नाम उम्र लिंग
अरविंद जैन 60 पुरुष
अनीता जैन 58 महिला
निशांत जैन 35 पुरुष
आंचल जैन 33 महिला
मास्टर आकाश जैन 1.5 पुरुष
नितिन जैन 50 पुरुष
शैले जैन 48 महिला
सम्यक जैन 25 पुरुष
शिखा जैन 45 महिला

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