Delhi Politics AAP vs BJP: दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए विशाल राष्ट्रीय ध्वजों को हटाए जाने के आरोप को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया है कि राजधानी में लगाए गए करीब 500 तिरंगों को भाजपा सरकार के द्वारा हटवा दिया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ये तिरंगे केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं थे, बल्कि देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक थे।
दरअसल राजधानी दिल्ली में आंधी और तेज तुफान को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने दिल्ली के कई मार्गों और सार्वजनिक जगहों पर लगाए गए करीब 500 राष्ट्रीय तिरंगो को अस्थायी रुप से नीचे उतार लिए हैं। PWD विभाग का कहना है कि तेज आंधी और तूफान के कारण बड़े आकार के राष्ट्रीय तिरंगो को काफी नुकसान हो रहा था। उतारे हुए तिरंगो को मौसम सामान्य होने के बाद इन्हें उसी स्थलों पर दोबारा से लगाया जाएगा।
आप पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने रेखा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्णं होने के उपलक्ष्य में पूरे दिल्ली में लगभग 500 स्थलों पर 150 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वजों को स्थापित किया गया था। उनका कहना है कि इन तिरंगों को देखकर दिल्ली के प्रदेश वासियों में देशभक्ति की भावना जागृत होती है और राष्ट्रीय गौरव का एहसास होता था।
सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अब राजधानी के कई इलाकों में केवल झंडों के खंभे दिखाई दे रहे हैं, और तिरंगे गायब हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा करते हुए सवाल किया कि दिल्ली से 500 तिरंगे आखिर कहां गायब हो गए। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने इन राष्ट्रीय ध्वजों को हटवा दिया है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-22 में अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में 100 फीट से अधिक ऊंचाई वाले विशाल तिरंगे लगवाए थे। उनके अनुसार, इन तिरंगों को देखकर लोगों में देश के प्रति गर्व और सम्मान की भावना उत्पन्न होती थी। उनका आरोप है कि सरकार ने इन सभी तिरंगों को हटाकर बेहद शर्मनाक कार्य किया है।
ये भी पढ़ें- ‘लोग मोदी को भूल जाएंगे, नेहरू को नहीं’, प्रधानमंत्री कार्यकाल के रिकॉर्ड संजय राउत का तीखा वार
वहीं, पार्टी की राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि सरकार का तिरंगे के प्रति रवैया हमेशा से सवालों के घेरे में रहा है। सरकार ने इन सभी तिरंगों को हटाकर बेहद शर्मनाक कार्य किया है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।