Delhi Government PG Scheme: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद सरकार, प्रशासन से लेकर उपराज्यपाल तक सक्रिय हो गए हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के अधिकारियों के साथ के एक अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि केंद्र शासित प्रदेश में ऐसी जमीनों का तलाश की जाए, जहां पीजी का निर्माण करवाया जा सके।
उपराज्यपाल ने कहा कि हम छात्रों के लिए किफायती दर पर साफ-सुथरी और सुरक्षित आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए एलजी ने इसकी जानकारी दी है।
दिल्ली उपराज्यपाल ने अपने ऑफिस में डीडीए के वाइस चेयरमैन सरवन कुमार से मुलाकात की। इस बारे में जानकारी देते हुए एलजी ने बताया कि इस बैठक दिल्ली के भीतर छात्रों के लिए पीजी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर थी। इस दौरान मैंने दिल्ली विकास प्राधिकरण को आदेश दिया कि पीजी तैयार करने के लिए उचित जमीन की पहचान की जाए। इसके बाद एक्शन प्लान तैयार किया जाए। विश्वविद्यालय के अधिकारियों को भी साथ लेकर एक्शन प्लान पर अमल हो।
उपराज्यपाल ने आगे कहा कि दिल्ली में हॉस्टल सुविधा तैयार करने के लिए ने मास्टर प्लान के तहत काम शुरू किया जाए। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि छात्रों को सुरक्षित, बेहतर और किफायती रिहायश आवसीय सुविधा मुहैया कराने पर हमारा पूरा फोकस है।
आपको बताते चले कि दिल्ली के मास्टर प्लान 2041 में भी हॉस्टल और पीजी को लेकर भी कुछ नियम तय किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि आवासीय ओर मिक्स यूज वाले इलाकों में ही पीजी बनाए जा सकते हैं। गाइडलाइन में कहा गया है कि कोचिंग, ट्यूशन सेंटर और पीजी आदि की अनुमति ए और बी कैटेगरी के आवासीय इलाकों में नीहं चलेंगे।
सत्य निकेतन हादसा ने दिल्ली में शहरी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े हैं। वहीं, राजधानी में तेजी से हो रही अवैध निर्माण जैसी प्रमुख समस्याओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। इस हादसे ने छात्रों के बुरे हालातों में रहने और पढ़ाई के लिए अधिक खर्ज जैसी समस्याओं को भी उजागर किया है।
गौरतलब है कि रविवार, 6 सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक 5 मंजिला इमारत ढह गई थी। इस हादसे में 5 छात्रों समेत कुल 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के वक्त इमारत के बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था।