सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो) 
दिल्ली

सनस्क्रीन लगाएं, अकेले न आएं....कल जंतर-मंतर पर इकट्ठा होंगे कॉकरोच, CJP ने बताए प्रदर्शन के अनोखे नियम

CJP Protest Guidelines: जंतर-मंतर पर कल कॉकरोच क्रांति का बड़ा प्रदर्शन! शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जुटेंगे छात्र; तिरंगा, सनस्क्रीन और किताबों के साथ आने के अनोखे निर्देश जारी।

गोरक्ष पोफली

Cockroach Revolution Protest: देश की राजधानी दिल्ली कल एक अनोखे और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की गवाह बनने जा रही है। कॉकरोच रिवोल्यूशन के बैनर तले छात्र और नागरिक कल, 6 जून को सुबह 9 बजे जंतर-मंतर पर इकट्ठा होंगे। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगना और भारतीय शिक्षा प्रणाली में सुधार लाना है। इसी कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट से डूस एंड डोंट्स की सूची जारी की गई है, जो बहुत ही रोचक है।

सिर्फ विरोध नहीं, एक शांतिपूर्ण अनुशासन

सोशल मीडिया पर हेलो फेलो कॉकरोचेस के संबोधन के साथ इस आंदोलन को एक बड़ी क्रांति में बदलने की अपील की गई है। आयोजकों ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से स्पष्ट किया है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से संवैधानिक और अनुशासित होगा। विरोध की इस अनोखी लहर में शामिल होने वालों के लिए एक दिलचस्प 'क्या करें और क्या न करें' की सूची जारी की गई है, जो इसे अन्य प्रदर्शनों से अलग बनाती है।

सनस्क्रीन लगाएं और तिरंगा साथ लाएं

भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को विशेष हिदायत दी गई है कि वे सनस्क्रीन लगाकर आएं, सिर पर टोपी पहनें और पानी पीते रहें ताकि सूरज के साथ तालमेल बिठाया जा सके। इसके अलावा, प्रत्येक प्रदर्शनकारी को अपने साथ तिरंगा और एक किताब लाने को कहा गया है, जो शिक्षा और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से लाइव रहने और पूरी घटना को रिकॉर्ड करने का सुझाव दिया गया है।

भीड़ में अकेले न आएं: क्या न करें की सूची

प्रदर्शन को प्रभावी बनाने के लिए कुछ सख्त निर्देश भी दिए गए हैं।

  • अकेले न आएं: आंदोलन की ताकत एकजुटता में है, इसलिए समूह में आने की सलाह दी गई है।
  • पुलिस से न उलझें: पुलिस पर चिल्लाने के बजाय उन्हें फूल भेंट करें और उनकी मदद के लिए धन्यवाद दें।
  • ट्रोल्स से बचें: उकसाने वालों या ट्रोल करने वालों से उलझने के बजाय उन्हें नजरअंदाज करें।
  • भूखे पेट न आएं: नारे लगाने और लंबी लड़ाई के लिए नाश्ता करके आना अनिवार्य बताया गया है।

आयोजकों का कहना है कि यह नन्ही सी चोट अब एक बड़ी क्रांति बनने का समय आ गया है। अब देखना यह होगा कि कल जंतर-मंतर पर जुटने वाला यह 'झुंड' सत्ता के गलियारों में कितनी गूंज पैदा करता है।

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