सौरव दास, आशुतोष रांका सौजन्य-IANS
दिल्ली

राजनीतिक खेल के कारण न छीनी जाए आजादी, सौरव दास-आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का मामला पहुंचा हाई कोर्ट

Saurav Das Ashutosh Ranka Case: कॉकरोच जनता पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने रात में तत्काल सुनवाई की मांग की।

अर्पित शुक्ला

Highlights

  • CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

  • सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई की मांग की।

  • रत्ना सिंह ने रात में तत्काल सुनवाई की अपील की।

CJP on Saurav Das Ashutosh Ranka Case: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई का मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने दोनों नेताओं की ओर से तत्काल सुनवाई की मांग की है। उन्होंने अदालत से रात में ही मामले की सुनवाई करने की अपील की। रत्ना सिंह का कहना है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को एक मिनट भी सलाखों के पीछे नहीं बिताना चाहिए।

रत्ना सिंह ने उठाया स्वतंत्रता का मुद्दा

रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है और रात में तत्काल सुनवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक खेल के कारण दोनों नेताओं की स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए।

CJP की लीगल हेड ने न्याय मिलने में देरी नहीं होने की बात भी कही। उनकी मांग है कि दोनों नेताओं के मामले पर जल्द सुनवाई हो, ताकि उनकी रिहाई से जुड़े सवालों पर अदालत विचार कर सके।

SEM कोर्ट ने दो दिन बढ़ाई थी न्यायिक हिरासत

इससे पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी थी। इसके बाद दोनों नेताओं ने SEM कोर्ट के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी और जल्द सुनवाई की मांग की।

SEM कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि दोनों का कानून के प्रति सम्मान नहीं है। अदालत ने उनके व्यवहार से शांति और सुकून भंग होने की आशंका को लेकर भी चिंता जताई थी।

अब हाई कोर्ट के आदेश पर नजर

SEM कोर्ट के आदेश को चुनौती दिए जाने के बाद अब दिल्ली हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई और आगे आने वाले आदेश पर नजर रहेगी। रत्ना सिंह ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए दोनों नेताओं की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया है। हाई कोर्ट उनकी याचिका पर क्या रुख अपनाता है, यह आगे की कार्यवाही से स्पष्ट होगा।

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