रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद अग्रवाल को पत्र लिखकर दी जानकारी
छत्तीसगढ़ को तीन ए मेमू ट्रेन की सौगात।
नक्सल हिंसा के खत्म होने के बाद प्रदेश को नई ट्रेन की सौगात।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जताई खुशी।
Chhattisgarh Gift of Three New Trains: छत्तीसगढ़ को तीन नए ट्रेनों की सौगात मिली है। रेलवे ने तीन नए मेमू ट्रेनों की मंजूरी दी है। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज इसकी जानकारी दी। कहा कि जनसुविधा के विस्तार और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से रेल मंत्रालय, भारत सरकार ने रायपुर से रावघाट और कुरुद के बीच 3 नई मेमू (MEMU) यात्री ट्रेनों के परिचालन को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। वहीं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिखकर इन नई रेल सेवाओं की स्वीकृति की जानकारी दी है। पत्र के अनुसार निम्नलिखित नई रेलगाड़ियों के परिचालन की मंजूरी दी गई है।
गाड़ी सं. 68768 / 68769 : रायपुर – रावघाट मेमू
गाड़ी सं. 68772 / 68771 : रायपुर – कुरुद मेमू
गाड़ी सं. 68774 / 68773 : रायपुर – कुरुद मेमू
95 किलोमीटर लंबी दल्ली राजहरा-रावघाट नई ब्रॉड गेज लाइन के आखिरी 17.5 किलोमीटर के तारोकी-रावघाट हिस्से का काम पूरा हो चुका है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) का निरीक्षण और स्पीड ट्रायल 22 सितंबर को हो चुका है। रिपोर्टों के मुताबिक रायपुर के डीआरएम ने बताया है कि यात्री ट्रेन चलाने की ज़रूरी अनुमति मिल चुकी है और सिर्फ दो-तीन छोटे काम बाकी हैं। फिलहाल यात्री ट्रेनें दल्ली राजहरा से तारोकी तक ही चल रही हैं, और उन्हें रावघाट तक बढ़ाने की तैयारी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार आगामी तीन माह तक समय-समय पर इसी तरह के परीक्षण जारी रहेंगे।
जब इस रेल परियोजना का निर्माण शुरू हुआ था, तब बस्तर क्षेत्र माओवादी हिंसा से काफी प्रभावित था। परियोजना का यह इलाका भी नक्सली गतिविधियों की चपेट में रहा, जिसके चलते निर्माण कार्य कई बार बाधित हुआ। हालांकि अब अधिकांश काम पूरा हो चुका है और परियोजना पूर्णता के करीब पहुंच गई है।
रावघाट से जगदलपुर के बीच रेल लाइन निर्माण के लिए भी प्रक्रिया तेजी से शुरू हो चुकी है। यह रेल लाइन भिलाई स्टील प्लांट के लिए लौह अयस्क की आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। विदित हो कि रायपुर से जगदलपुर की कुल दूरी लगभग 300 किलोमीटर है। इस बहुप्रतीक्षित रेल सेवा के शुरू होने से स्थानीय कृषि उपज, वनोपज और व्यापार को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा।