अगले हफ्ते कैसा रहेगा शेयर बाजार? (AI जेनरेटेड इमेज)
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Share Market Outlook: अगले हफ्ते कैसा रहेगा शेयर बाजार? कच्चे तेल की कीमतें और GDP आंकड़ों से तय होगा चाल

Share Market: भारत की वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़े 31 अगस्त को जारी किए जाएंगे। इसके अलावा निवेशकों की नजर अगस्त के पीएमआई आंकड़ों, जीएसटी कलेक्शन पर भी रहेगी।

मनोज आर्या

Share Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह घरेलू सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका के गैर-कृषि रोजगार के आंकड़ों से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। इसके अलावा वाहन बिक्री के आंकड़े और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजित मिश्रा ने कहा कि आने वाला सप्ताह कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के कारण बाजार के लिए काफी अहम रहने वाला है। घरेलू जीडीपी आंकड़ों के साथ वैश्विक आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करेंगे।

31 अगस्त को जारी होंगे GDP आंकड़े

अजित मिश्रा ने कहा कि भारत की वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़े 31 अगस्त को जारी किए जाएंगे। इसके अलावा निवेशकों की नजर अगस्त के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़ों, जीएसटी कलेक्शन, विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये की चाल पर भी रहेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका के रोजगार आंकड़े इस सप्ताह सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक संकेतक होंगे। अगस्त के गैर-कृषि पेरोल के आंकड़े चार सितंबर को जारी होने हैं।

इन आंकड़ों से सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड प्रतिफल और उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी के प्रवाह पर भी देखने को मिल सकता है।

अगस्त में खरीदार रहे विदेशी निवेशक

इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अगस्त में भारतीय शेयरों में करीब 30,919 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह लगातार दूसरा महीना है जब विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में शुद्ध खरीदार रहे हैं। एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।

ऊंची ऊर्जा कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना हुआ है, जिससे जिंस कीमतों में भी तेजी आई है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी मौद्रिक नीति फिलहाल वैश्विक बाजारों के लिए सबसे बड़ा कारक बनी हुई है। निवेशकों की नजर अब चार सितंबर को आने वाले अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और आगामी महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी।

पिछले हफ्ते कैसा रहा था शेयर बाजार?

इन आंकड़ों से सितंबर में ब्याज दरों को लेकर बाजार की मौजूदा उम्मीदों में बदलाव आ सकता है। पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 276.32 अंक यानी 0.35 प्रतिशत टूट गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 76.35 अंक या 0.31 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

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