Highlights:
देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई योजनाओं की शुरुआत की है
इन योजनाओं की मदद से बिना किसी गारंटी के आपको बिजनेस लोन मिल जाता है
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी 20 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं
Top Government Business Loan Schemes in India: देश में तेजी से बढ़ते स्टार्टअप कल्चर को देखते हुए आज ज्यादातर लोग खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। लोगों के पास कई बेहतरीन बिजनेस आइडिया भी होता है, लेकिन हर बार आर्थिक समस्या उन्हें बिजनेस करने से रोक देता है। हालांकि, देश में स्टार्टअप और बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई ऐसी योजनाओं की शुरुआत की है, जो बिना किसी गारंटी के आपको आसानी से लोन देने में मदद कर सकते हैं।
आइए कुछ ऐसे ही स्कीम्स के बारे में जानते हैं, जिसकी मदद से आप अपने आइडिया को बिजनेस के रूप में बदल सकते हैं। इसमें आर्थिक समस्या बाधा नहीं बनेगी। इन योजनाओं के तहत बेहद ही कम ब्याज दर पर वो भी बिना किसी गारंटी के आपको आसानी से लोन मिल जाती है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एक बिजनेस लोन स्कीम है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की ओर से इसकी शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना भारत सरकार की एक स्कीम है। इसका मकसद नॉन-कॉर्पोरेट, नॉन-फार्मिंग छोटे और माइक्रो बिजनेस को 20 लाख रुपये तक का मुद्रा लोन देना है। मुद्रा लोन नीचे दी गई चार कैटेगरी में दिए जाते हैं:
शिशु कैटेगरी- 50,000 रुपये तक
किशोर कैटेगरी- 50,001 से 5 लाख रुपये तक
तरुण कैटेगरी- 5,00,001 से 10 लाख रुपये तक
तरुण+ कैटेगरी- 10,00,001 से 20,00,000 रुपये तक
मुद्रा लोन आय पैदा करने वाले छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को दिए जाते हैं जो निम्न क्षेत्रों में लगे हुए हैं:
ट्रेडिंग
मैन्युफैक्चरिंग
सर्विस सेक्टर
यह लोन कमर्शियल बैंक, माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन (MFI), नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) और दूसरे फाइनेंशियल इंटरमीडियरी इसे देते हैं। छोटे और माइक्रो बिजनेस को विकसित करने और बढ़ाने में मदद करने के लिए वित्तीय सहायता दिया जाता है।
कोई भी व्यक्ति
मालिकाना हक
पार्टनरशिप फर्म
प्राइवेट लिमिटेड कंपनी
पब्लिक कंपनी
किसी भी दूसरे कानूनी रूप की संस्थाएं
आवेदनकर्ता किसी भी बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए और उसका क्रेडिट ट्रैक रिकॉर्ड ठीक-ठाक होना चाहिए। लोन लेने वालों के पास बताई गई बिजनेस करने के लिए जरूरी स्किल्स/अनुभव/ज्ञान होना जरूरी हो सकता है।
अगर कोई एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की जरूरत है, तो उसे बताई गई बिजनेस के नेचर और उसकी जरूरत के आधार पर आकलन किया जाना चाहिए।
माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (CGTMSE) को MSME, भारत सरकार के मिनिस्ट्री और स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) ने मिलकर बनाया है। इस योजना का उद्देश्य माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSEs) को संस्थागत लोन के फ्लो को बढ़ाया जा सके।
क्रेडिट गारंटी स्कीम को क्रेडिट डिलीवरी सिस्टम को मजबूत करने और MSE सेक्टर में क्रेडिट के फ्लो को आसान बनाने और नई पीढ़ी के एंटरप्रेन्योर्स को पारंपरिक कर्जदाता से फाइनेंस उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया था।
मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग या सर्विस एक्टिविटी (एग्रीकल्चर और सेल्फ-हेल्प ग्रुप को छोड़कर) में लगे नए और मौजूदा माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज (MSE) दोनों योग्य हैं।
लोन लेने वाले बिजनेस को प्रॉफिटेबिलिटी, वायबिलिटी दिखानी होगी और लोन देने वाली संस्था द्वारा आकलन किया गया अच्छा फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड बनाए रखना होगा।
आवेदनकर्ता ने किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था के साथ डिफॉल्ट नहीं किया होना चाहिए।
नोट: योग्यता MSMED एक्ट, 2006 के अनुसार, इक्विपमेंट, प्लांट और मशीनरी में निवेश के साथ-साथ इकाई के टर्नओवर के आधार पर तय की जाती है।
क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स (CGSS) भारत सरकार (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) द्वारा शुरू की गई एक योजना है, जिसका मकसद पात्र स्टार्टअप्स को बिना किसी गिरवी या कोलैटरल-फ्री बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लोन उपलब्ध करना है।
इस योजना के तहत हर पात्र आवेदनकर्ता को 20 करोड़ रुपये तक की लोन देने का प्रावधान है। शुरुआत में यह सीमा केवल 10 करोड़ रुपये का ही था। हालांकि, बाद में इसमें सुधार करते हुए लोन की सीमा बढ़ाई दी गई है।
समय-समय पर जारी किए गए गैजेट नोटिफिकेशन के अनुसार DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप
स्टार्टअप जो किसी भी लोन देने/निवेश करने वाली संस्था के प्रति डिफॉल्ट न हो और RBI की गाइडलाइन के अनुसार नॉन-परफॉर्मिंग एसेट के रूप में क्लासिफाई न किया गया हो
स्टार्टअप जिसकी एलिजिबिलिटी गारंटी कवर के उद्देश्य से सदस्य संस्था द्वारा सर्टिफाई की गई हो।
स्टैंड-अप इंडिया स्कीम एक सरकारी पहल है जिसे 5 अप्रैल, 2016 को वित्त मंत्रालय ने महिलाओं और अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों के बीच एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया था। इस स्कीम का मकसद हर बैंक ब्रांच से कम से कम एक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति (ST) के आवेदनकर्ता और कम से कम एक महिला को ग्रीनफील्ड एंटरप्राइज शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच बैंक लोन देना है।
नॉन-इंडिविजुअल एंटरप्राइज के मामले में, कम से कम 51% शेयरहोल्डिंग और कंट्रोलिंग स्टेक SC/ST या महिला एंटरप्रेन्योर के पास होना चाहिए। नॉन-इंडिविजुअल एंटरप्राइज के मामले में कम से कम 51% शेयरहोल्डिंग और कंट्रोलिंग स्टेक किसी SC/ST या महिला एंटरप्रेन्योर के पास होना चाहिए।
ग्रीनफील्ड एंटरप्राइजेज के लिए फाइनेंस दिया जाता है।
अगर आवदेक पुरुष है, तो वह SC/ST कैटेगरी से होना चाहिए।
आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
आवेदक किसी भी बैंक/फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
अगर आप भी कोई नया स्टार्टअप और बिजनेस शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो इन सरकारी योजना के तहत आप बिजनेस लोन ले सकते हैं। ध्यान रहें कि किसी भी तरह का लोन लेने से पहले नियम और शर्तें जैसे कि ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस या कोई अन्य शुल्कों की पूरी जानकारी अवश्य रखें। इन योजनाओं से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप अपने नजदीकी किसी भी बैंक ब्रांच में जा सकते हैं।