ई-मुद्रा के शेयरों में गिरावट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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eMudhra Share Crash: ई-मुद्रा पर सरकार का बड़ा एक्शन! जांच के आदेश मिलते ही 35% टूटा शेयर, निवेशकों में हड़कंप

eMudhra Share: ई-मुद्रा के शेयरों में आज गुरुवार को 35% की भारी गिरावट देखने को मिली। सरकार की सुरक्षा जांच के आदेश के बाद निवेशकों में हड़कंप मच गया। जानें कंपनी कैसे संकट में घिर गई।

मनोज आर्या

Highlights:

  • सरकार के सुरक्षा जांच के निर्देश के बाद ई-मुद्रा के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई

  • ई-मुद्रा के शेयर गुरुवार को 20% की गिरावट के साथ कारोबार के अंत में बंद हुआ

  • बीते 6 महीने में ई-मुद्रा के शेयर 30% और बीते एक साल में 46% लुढ़क चुके हैं

eMudhra Share Crash: डिजिटल सिग्नेचर और आम जनता तक पहुंच के लिए वेबसाइट्स को सिक्योरिटी सर्टिफिकेट जारी करने वाली ई-मुद्रा को लेकर सरकार की ओर से सुरक्षा जांच के निर्देश के बाद कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

ई-मुद्रा के शेयर गुरुवार को एनएसई पर 20.00 प्रतिशत की गिरावट के साथ 345.60 रुपये पर कारोबार के अंत में बंद हुआ। बीते तीन दिनों में शेयर 35 प्रतिशत तक गिर चुके हैं। सोमावर को शेयर 540.15 रुपये पर थे।

बीते एक महीने में 30% लुढ़का शेयर

इसके अलावा, बीते छह महीने में ई- मुद्रा के शेयर 30 प्रतिशत और बीते एक साल में 46 प्रतिशत से अधिक लुढ़क चुके हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बुधवार को बताया था कि उसने ई-मुद्रा में हुई एक सुरक्षा घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है।

ई-मुद्रा के डिजिटल सर्टिफिकेट ब्राउजर को यह पुष्टि करने में मदद करते हैं कि कोई वेबसाइट असली है या नहीं। बयान में कहा गया है कि सुरक्षा से जुड़ी यह घटना मुख्य रूप से ग्लोबल सर्टिफिकेट कारोबार से संबंधित है और भारतीय साइटों तथा ऐप्लिकेशन्स पर इसका असर 'बहुत सीमित' है।

सीईआरटी-इन का चौंकाने वाला खुलासा

यह चौंकाने वाला खुलासा साइबर सुरक्षा निगरानी संस्था सीईआरटी-इन की एक एडवाइजरी के बाद सामने आया। सरकार का यह बयान काफी अहम है, क्योंकि सीईआरटी-इन को 'ई-मुद्रा' ने बताया है कि उसके सर्टिफिकेट से जुड़ी प्राइवेट 'की' सुरक्षित नहीं रही हैं। ये 'की' भरोसेमंद डिजिटल एसेट्स को वेरिफाई करती हैं और सुरक्षित ऑनलाइन कामकाज सुनिश्चित करती हैं।

ई-मुद्रा के अनुसार, यह समस्या उनके अंतरराष्ट्रीय 'ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी' (टीएलएस) सर्टिफिकेट कारोबार के एक छोटे से हिस्से से जुड़ी है, और इसका उनके घरेलू डिजिटल सिग्नेचर ऑपरेशंस से कोई लेना-देना नहीं है।

कंपनी ने बताया कि उनके सिस्टम में एक खामी के कारण, मजबूत क्रिप्टोग्राफिक की के साथ-साथ कुछ कमजोर 'की' भी बन गई थीं।

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