कांग्रेस नेता पी. चिदबंरम, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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Budget 2026: 'यह बजट देश को प्रगति नहीं, दुर्गति की ओर ले जाएगा', पी चिदंबरम ने वित्त मंत्री को दिखाया आईना

P Chidambaram: पी. चिदंबरम ने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि यह बजट वित्त प्रबंधन का एक बेहद खराब उदाहरण है। पूंजीगत व्यय में 1,44,376 करोड़ रुपये की भारी कटौती की गई है।

मनोज आर्या

P Chidambaram On Budget 2026: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर मोदी सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण को आर्थिक रणनीति और राजनीतिक दूरदर्शिता के मोर्चे पर पूरी तरह विफल करार दिया। चिदंबरम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण को पढ़ा ही नहीं है, या फिर जानबूझकर उसे दरकिनार कर दिया है।

चिदंबरम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि बजट केवल वार्षिक आय-व्यय का विवरण नहीं होता, बल्कि उसे देश की प्रमुख चुनौतियों का समाधान पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में जिन समस्याओं का जिक्र था, बजट में उनसे पूरी तरह आंखें मूंद ली गई हैं। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ, निजी निवेश में कमी और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के प्रवाह में अनिश्चितता जैसे गंभीर मुद्दों पर वित्त मंत्री का भाषण मौन रहा।

पूंजीगत व्यय में भारी कटौती

चिदंबरम ने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि यह बजट वित्त प्रबंधन का एक बेहद खराब उदाहरण है। उनके अनुसार, पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) में 1,44,376 करोड़ रुपये की भारी कटौती की गई है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 25,335 करोड़ और राज्यों का हिस्सा 1,19,041 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि केंद्र का पूंजीगत व्यय 2024-25 में जीडीपी के 3.2 प्रतिशत से घटकर 2025-26 में 3.1 प्रतिशत रह गया है। यह गिरावट तब हो रही है जब देश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा लगातार चरमरा रहा है।

योजनाओं की भरमार, समाधान का अभाव

बजट में घोषित नई पहल और संस्थानों पर सवाल उठाते हुए चिदंबरम ने कहा कि वित्त मंत्री योजनाओं की संख्या बढ़ाते जाने से थकती नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने बजट भाषण में कम से कम 24 ऐसी नई योजनाओं, मिशनों और समितियों की गिनती की है, जिनका भविष्य अनिश्चित है। चिदंबरम ने तंज कसा कि इनमें से अधिकतर अगले साल तक भुला दी जाएंगी और गायब हो जाएंगी।

आयकर दरों में 'छेड़छाड़' और क्षेत्रीय अनदेखी

आयकर अधिनियम, 2026 में किए गए बदलावों पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मामूली दरों में छेड़छाड़ से देश के उस विशाल बहुमत को कोई फर्क नहीं पड़ता जिनका आयकर से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने तमिलनाडु की कथित अनदेखी पर भी सवाल उठाए और कहा कि भाजपा की राज्य में राजनैतिक हैसियत न होने के कारण वहां के हितों को बार-बार खारिज किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने 'चाहबहार' बंदरगाह जैसे सामरिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार किसी के दबाव में झुक गई है।

कुल मिलाकर, पी. चिदंबरम ने इस बजट को केवल आंकड़ों की बाजीगरी बताते हुए कहा कि यह लाखों बंद हो रहे एमएसएमई (MSME) और बेरोजगार युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने में नाकाम रहा है।

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