अनिल अंबानी (सौजन्य : सोशल मीडिया) 
बिज़नेस

अनिल अंबानी के अच्छे दिन दूर नहीं, भूटान में काम करने का मिला कॉन्ट्रैक्ट

अनिल अंबानी की मौजूदगी में रिलायंस पावर लिमिटेड के अध्यक्ष (कॉरपोरेट विकास) हरमनजीत सिंह नागी और ड्रक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी उज्ज्वल दीप दहल ने साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए।

अपूर्वा नायक

नई दिल्ली : सेबी से 5 सालों के लिए बैन होने वाले अनिल अंबानी के अच्छे दिनों की शुरूआत होती हुई नजर आ रही है। बुधवार को अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप ने भूटान में मिले काम की घोषणा की है। जिसमें कंपनी ने कहा है कि वे अपने पड़ोसी देश भूटान में 1,270 मेगावाट की सोलर एवं हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की शुरूआत करने जा रही है।

समूह ने एक बयान में भूटान सरकार की कमर्शियल एवं इंवेस्टमेंट शाखा ड्रक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड यानी डीएचआई के साथ एक रणनीतिक साझेदारी कॉन्ट्रैक्ट करने की जानकारी दी। इसका उद्देश्य भूटान के रिन्यूऐबल और ग्रीन एनर्जी सिनेरियो में इंवेस्टमेंट को बढ़ावा देना है। रिलायंस समूह और ड्रक होल्डिंग के बीच साझेदारी में हरित ऊर्जा उत्पादन, खासकर सोलर और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पहल पर ध्यान केंद्रित करने के साथ अभिनव हरित प्रौद्योगिकियों की खोज भी की जाएगी।

500 मेगावाट का सोलर प्लांट

भूटान के रिन्यूऐबल और ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में निवेश के लिए रिलायंस समूह ने एक नई कंपनी ‘रिलायंस एंटरप्राइजेज' बनाई है। इसे मुंबई में सूचीबद्ध रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड संयुक्त रूप से प्रवर्तित करेंगी। रिलायंस एंटरप्राइजेज अगले 2 वर्षों में दो चरणों में 500 मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित करेगी। यह संयंत्र भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में स्थापित किया जाएगा।

चम्खरचू-1 हाइड्रोपावर परियोजना का विकास

इस साझेदारी के तहत रिलायंस पावर और ड्रक होल्डिंग संयुक्त रूप से 770 मेगावाट की चम्खरचू-1 हाइड्रोपावर परियोजना का विकास करेंगी। इस परियोजना को भूटान सरकार की नीति के तहत रियायत मिलेगी। बयान के मुताबिक, ‘‘रिलायंस समूह भूटान में सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के साथ मिलकर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लागू करेगा जो भूटान के शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों का समर्थन करती हैं।''

विश्वस्तरीय स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएं

अनिल अंबानी की मौजूदगी में रिलायंस पावर लिमिटेड के अध्यक्ष (कॉरपोरेट विकास) हरमनजीत सिंह नागी और ड्रक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी उज्ज्वल दीप दहल ने साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दहल ने कहा, ‘‘हमें रिलायंस के साथ साझेदारी करके खुशी हो रही है और हम साथ मिलकर विश्वस्तरीय स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे भारत और भूटान दोनों को लाभ होगा।''

मुंबई मेट्रो जैसी परियोजनाओं पर ध्यान

रिलायंस पावर की कुल स्थापित क्षमता 5,340 मेगावाट है जिसमें मध्यप्रदेश के सासन में 4,000 मेगावाट की अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना भी शामिल है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ऊर्जा क्षेत्र में सक्रिय है और दिल्ली में बिजली वितरण के साथ मुंबई मेट्रो जैसी परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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