तेजस्वी यादव और राहुल गांधी, (सोर्स-सोशल मीडिया) 
बिहार

RJD के तीखे तेवर...कांग्रेस के कारण हारे चुनाव, हार के बाद शुरू हुआ ब्लेम गेम; बिहार में सियासत तेज

Bihar Politics: गठबंधन तोड़ने के सवाल पर मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि गठबंधन जनता का होता है। आज भी सबसे ज्यादा वोट राजद को मिले हैं। कांग्रेस से गठबंधन से राजद को क्या फायदा है।

मनोज आर्या

RJD vs Congress In Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब महागठबंधन में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पहले कांग्रेस ने राजद से गठबंधन को घाटे का सौदा बताया, और अब पलटवार करते हुए आरजेडी ने भी करारा जवाब दिया है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार में कांग्रेस को जो भी वोट मिलता है, वो राजद की बदौलत मिलता है। कांग्रेस पार्टी से आरजेडी को तो सिर्फ नुकसान होता है। जितनी सीटों पर लड़ने के लिए हाय-तौबा मचाते है, उसके मुकाबले प्रदर्शन बेहद खराब रहता है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को ये सोचना चाहिए कि वो एक राष्ट्रीय पार्टी है, क्यों उसका जनाधार कम होता जा रहा है। क्यों पार्टी सिकुड़ती जा रही है। ये चिंता का विषय है। इस पर मंथन करना चाहिए। कांग्रेस राजद पर क्या सवाल खड़ा करेगी? बिहार में सबसे बड़ी ताकत राजद है।

'कांग्रेस सीटें बर्बाद कर देती है'

राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता ने अपने बयान में आगे कहा कि कांग्रेस को जितनी भी सीटें मिलती हैं, राजद की वजह से मिलती हैं। कांग्रेस तो सीट ले लेती है, और हार कर बर्बाद कर देती है। कांग्रेस का बिहार में क्या है, पार्टी को इस तरह के बयानों से बचना चाहिए। और जो लोग ऐसे बयान दे रहे हैं, वे निश्चय ही दूसरा ठिकाना ढूंढ रहे हैं।

गठबंधन के सवाल पर RJD

वहीं गठबंधन तोड़ने के सवाल पर मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि गठबंधन जनता का होता है। आज भी सबसे ज्यादा वोट राजद को मिले हैं। कांग्रेस से गठबंधन से राजद को क्या फायदा है। हमारी ताकत पर ही वो चुनाव में उछलते हैं, और हम ही लोगों को ज्ञान दे रहे हैं। आपको बता दें बिहार चुनाव में महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया था। जिसमें 141 सीटों पर लड़कर राजद 25 सीटें जीती, वहीं कांग्रेस 61 सीटों पर लड़कर सिर्फ 6 सीटें जीत सकी है। जिसके बाद से अब महागठबंधन में घमासान मचा हुआ है।

राजद-कांग्रेस का विवाद

गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में राजद-कांग्रेस के नेतृत्व वाली महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, बीजेपी-जदयू की गठबंधन वाली एनडीए ने ऐतिहासिक जीत के साथ बिहार की सत्ता में फिर से सरकार बनाने में सफल रही। यह कोई पहली बार नहीं है जब राजद और कांग्रेस के बीच सिर फुटव्वल देखने को मिल रहा है। चुनाव के दौरान भी सीट बंटवारे को लेकर काफी विवाद देखने को मिला था।

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