मैथिली ठाकुर (डिजाइन फोटो) 
बिहार

जीतकर भी विधायकी गंवा देंगी मैथिली ठाकुर? वोटिंग से ठीक पहले किया ऐसा कांड...जो बन जाएगा गले की फांस

Bihar Assembly Elections: लोकगायिका मैथिली ठाकुर भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। लेकिन वोटिंग से कुछ घंटों पहले ही मैथिली ने कुछ ऐसा किया है जो उनके लिए घातक साबित हो सकता है।

अभिषेक सिंह

Maithili Thakur: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए वोटिंग जारी है। पहले फेज में ही मिथिला की अलीनगर सीट पर भी वोटिंग हो रही है। जहां से लोकगायिका मैथिली ठाकुर भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। लेकिन वोटिंग से कुछ घंटों पहले ही मैथिली ने कुछ ऐसा किया है जो उनके लिए घातक साबित हो सकता है।

पहले चरण की वोटिंग से ठीक पहले सभी दलों के दिग्गज नेताओं ने मतदाताओं से लोकतंत्र के महापर्व में वोटिंग के जरिए उत्सव बनाने की अपील की है। सभी ने वीडियो जारी कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, और लोगों से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने का आग्रह किया है।

इसी कड़ी में अलीनगर विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी और लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने भी मतदाताओं से अपील करते हुए एक वीडियो अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है। लेकिन इस दौरान वह एक गलती कर बैठी हैं जो उनके लिए बहुत भारी पड़ने वाली है।

मैथिली ठाकुर ने की कौन सी गलती?

दरअसल, मैथिली ठाकुर ने अपने वीडियो संदेश में लोगों से मताधिकार का प्रयोग करने की बजाय भारतीय जनता पार्टी को वोट करने की अपील कर दी है। मैथिली ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि, बिहार है तैयार, फिर NDA सरकार...साथ ही अलीनगर के जन-जन ने 6 नवंबर को EVM क्रमांक 1 पर कमल निशान पर बटन दबाकर सुशासन, प्रगति और स्थिरता की सरकार चुनने का प्रण लिया है।

क्या कहता है जन प्रतिनिधि अधिनियम

जन प्रतिनिधि अधिनियम, 1951 की धारा 126(1)(B) के तहत मतदान से 48 घंटे पहले और मतदान के अंत तक किसी भी प्रकार का चुनावी प्रचार या ‘इलेक्शन मैटर’ जनता तक पहुंचाना वर्जित है। ‘इलेक्शन मैटर’ का अर्थ है कोई भी संदेश, बयान, कार्यक्रम या सामग्री जो मतदाता के निर्णय को प्रभावित करे या किसी दल या प्रत्याशी के पक्ष या विरोध में माहौल बनाने वाला हो।

नियम तोड़ने पर क्या कुछ हो सकता है?

ऐसे में यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस अवधि में प्रचार करती है या नियम तोड़ती है, तो उसके खिलाफ दो साल की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। इसके साथ ही यह भी प्राविधान है कि यदि किसी जन प्रतिनिधि को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है तो उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है।

...तो चली जाएगी मैथिली की विधायकी

ऐसे में यदि मैथिली ठाकुर चुनाव जीत जाती हैं और विधायक बन जाती हैं, उसके बाद कोई इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग या अदालत तक पहुंच जाता है तो उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। हो सकता है कि इस मामले में वह दोषी करार दी जाएं और उनकी विधायकी भी रद्द हो जाए।

ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मैथिली ठाकुर का यह वीडियो सामने आने के बाद तमाम लोगों ने एक्स पर ही चुनाव आयोग को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक किसी भी कार्रवाई की मांग वाली पोस्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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