नीतीश कुमार (डिजाइन फोटो) 
बिहार

2 दशक बाद नीतीश कुमार की दिल्ली में एंट्री, अब भाजपा भरोसे बिहार! नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज

Nitish Kumar आज राज्यसभा सदस्य की शपथ लेंगे और जल्द ही बिहार के CM पद से इस्तीफा दे सकते हैं। 16 अप्रैल तक नई सरकार का गठन संभव है, जिसमें भाजपा का नया मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है।

अर्पित शुक्ला

Nitish Kumar Rajya Sabha Oath: नीतीश कुमार(Nitish Kumar) आज से अपने राजनीतिक जीवन का नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं। वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि अब उनकी सक्रिय भूमिका केंद्र की राजनीति में ज्यादा होगी। करीब दो दशकों तक बिहार की सत्ता संभालने के बाद यह उनके करियर का बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

नीतीश कुमार(Nitish Kumar) के इस कदम के साथ ही बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। माना जा रहा है कि 14 अप्रैल तक इस्तीफा और 16 अप्रैल के आसपास नई सरकार का गठन संभव है।

भाजपा पर टिकीं नजरें

इस बीच भारतीय जनता पार्टी की बिहार कोर टीम की अहम बैठक नई दिल्ली में चल रही है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा हो रही है। इस बैठक के नतीजों पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है। यह भी माना जा रहा है कि नीतीश कुमार(Nitish Kumar) पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।

बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन?

अब जब यह लगभग तय माना जा रहा है कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा, तो कई नाम चर्चा में हैं। इनमें सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, डॉ दिलीप जायसवाल, रेणु देवी और जनक राम के नाम शामिल हैं। हालांकि, पार्टी किसी नए चेहरे पर भी दांव लगा सकती है, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

20 साल बाद बदलती तस्वीर

साल 2005 से सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के हटने को बिहार की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। उनके कार्यकाल में राज्य ने कई बदलाव और चुनौतियां देखीं। अब उनके केंद्र की ओर रुख करने के बाद राज्य में नई नेतृत्व शैली के साथ नई सरकार काम करेगी।

NDA की रणनीति और आगे का रास्ता

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए यह बदलाव रणनीतिक रूप से अहम है। एक ओर नीतीश कुमार(Nitish Kumar) का अनुभव केंद्र में उपयोगी होगा, वहीं दूसरी ओर बिहार में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा किसे मुख्यमंत्री बनाती है और नई सरकार किन प्राथमिकताओं के साथ काम शुरू करती है। आने वाले कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

पश्चिम रेलवे के 738 रूट किमी पर चालू हुआ कवच, 5,228 किमी रेल नेटवर्क को सुरक्षा प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य

परविंदर झोटा मर्डर केस में SHO बेअंत कौर सस्पेंड; कहीं बाजार बंद, कहीं चक्काजाम, टोल प्लाजा पर प्रदर्शन- VIDEO

एपीजे अब्दुल कलाम जयंती: एक रैंक से टूटा था पायलट बनने का सपना, 74 साल की उम्र में पुणे के आसमान में किया पूरा

Punjab Bandh: परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद, कई जगह चक्का जाम, फूंका भगवंत मान का पुतला

CJP की तिरंगा यात्रा से पहले अलर्ट! पुलिस कमिश्नर ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई, आगे की रणनीति पर मंथन