Bihar Assembly Elections: बिहार चुनाव के पहले चरण के लिए प्रचार का शोर थम चुका है। अब जनता कल अपने वोट से उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने वाली है। इस बीच पहली बार पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतरे राजनैतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर को बड़ा झटका लग गया है।
दरअसल, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के टिकट पर मुंगेर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार ने वोटिंग से ठीक एक दिन पहले रण छोड़ दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने जनसुराज पार्टी का बस्ता उतारकर हाथों में कमल भी थाम लिया है, यानी भाजपा ज्वाइन कर ली है।
पीके की जन सुराज पार्टी संजय सिंह को मुंगेर सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया था और वे पिछले कुछ महीनों से ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार भी कर रहे थे। लेकिन प्रथम चरण की वोटिंग से पहले उनके बीजेपी में शामिल होने से प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति पर असर पड़ने की प्रबल संभावनाएं हैं।
अब अगर यह कहा जाए कि बिहार में वोटिंग से पहले ही प्रशांत किशोर की एक सीट पर हार हो चुकी है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। वहीं, चुनाव से पहले उम्मीदवार का पार्टी छोड़कर दूसरे दल में चले जाना बड़ा झटका इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि इसका असर बाकी जगहों पर भी हो सकता है।
भाजपा में शामिल होने के बाद संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने यह फैसला "राज्य के विकास और स्थिर सरकार" के हित में किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने जो काम किया है, उसे आगे बढ़ाने के लिए वे भाजपा के साथ रहेंगे।
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इससे पहले भी प्रशांत किशोर की पार्टी से चार उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसमें दानापुर, ब्रह्मपुर, गोपालगंज और सीतामढ़ी सीट शामिल है। अब इस लिहाज से देखा जाए तो अब जन सुराज पार्टी 243 में से 238 सीटों पर ही चुनावी रण में मौजूद है। जिसे प्रशांत किशोर के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।