नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: अगर आप चालान से बचने के लिए मोबाइल नंबर या पता बदलने की सोच रहे हैं, तो अब यह तरीका काम नहीं आएगा। सरकार जल्द ही वाहन पंजीकरण (RC) और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को आधार से लिंक करने की योजना बना रही है। इस फैसले के बाद ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को पकड़ना आसान हो जाएगा, क्योंकि आधार से जुड़े होने के कारण उनके असली नंबर और पते की जानकारी सीधे सरकार के पास होगी।
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के बाद कई लोग चालान भरने से बचने के लिए अपने मोबाइल नंबर और पते बदल लेते हैं। कुछ लोग तो नए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन तक कर देते हैं। इससे ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को ई-चालान वसूली में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, "जो लोग ट्रैफिक नियम तोड़ने के बावजूद जुर्माना नहीं भर रहे हैं, उनके लिए यह सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया है।"
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय (MRTH) की रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के ई-चालान बकाया हैं। इस वसूली में सबसे बड़ी बाधा डेटाबेस में मौजूद गलत जानकारी है। रिपोर्ट के अनुसार:
परिवहन विभाग के अनुसार, "सारथी और वाहन डेटाबेस में कई पुराने रिकॉर्ड मौजूद हैं। अब ऐसी व्यवस्था लाई जाएगी, जिसमें वाहन मालिकों और लाइसेंस धारकों के लिए अपने विवरण को अपडेट करना अनिवार्य किया जाएगा।" आधार से लिंकिंग के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी, क्योंकि फिर कोई भी व्यक्ति गलत जानकारी देकर नए लाइसेंस या वाहन पंजीकरण नहीं करा सकेगा।