Raksha Bandhan 2026 Rashifal : हर साल की तरह इस बार भी रक्षाबंधन का त्योहार सावन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाएगा। जोकि इस बार 28 अगस्त को है। साथ ही बताया जा रहा है कि, इस साल रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण का भी प्रभाव देखने को मिलेगा। ज्योतिष दृष्टिकोण से जब भई कोई पर्व ग्रहण या भद्रा के साय में आता है, तो उसका प्रभाव 12 राशियों पर देखने को मिलता है।
लेकिन ज्योतिषयों का मानना है कि कुछ राशियां ऐसी हैं, जिनके लिए चंद्र ग्रहण किसी वरदान से कम साबित नहीं रहने वाला है। तो आइए जानते हैं कि वो कौन सी राशियां हैं, जिनके लिए यह ग्रहण अत्यंत शुभ और फलदायी साबित होने जा रहा है।
रक्षाबंधन पर लगने वाला चंद्र ग्रहण मेष राशि के जातकों के लिए शुभ रहने वाला है। परिवार के साथ किसी रिश्तेदार के घर जाने का प्लान बना सकते हैं। लव लाइफ में मधुरता बनी रहेगी। दोस्तों के साथ मिलकर कोई नया व्यापार शुरू कर सकते हैं। माता की सेहत को लेकर मन परेशान रहेगा।
मिथुन राशि के जातकों के लिए रक्षाबंधन पर लगने वाला चंद्र ग्रहण बहुत खास रहने वाला है। जो लोग काम की तलाश में थे, उन्हें अच्छी जॉब मिल सकती है। कानूनी मामले में फैसला आपके हक में रहेगा। किसी दोस्त के साथ मिलकर शुरू किए गए व्यापार में धन लाभ होने की संभावना है।
रक्षाबंधन पर लगने वाला चंद्र ग्रहण तुला राशि के जातकों के लिए शानदार रहने वाला है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को थोड़ी और मेहनत करने की आवकता है। जो लोग रिलेशन में हैं, वो शादी के बंधन के बंध सकते है। घर में किसी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन कर सकते हैं।
धनु राशि के जातकों के लिए यह समय अध्यात्म और भाग्य के मामले में बहुत शुभ रहेगा। जो लोग नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं, उन्हें सफलता मिल सकती है। आय के नए स्रोत बनेंगे।
चंद्र ग्रहण आपके लिए आकस्मिक लाभ के द्वार खोलेगा। पुराने निवेश से फायदा हो सकता है और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। रक्षाबंधन का त्योहार आपके लिए खुशियां लेकर आएगा।
सूतक काल का नियम: यदि चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान (देखने योग्य) है, तो ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। सूतक काल में राखी बांधने और पूजा-पाठ से बचना चाहिए।
सूतक समाप्त होने के बाद: सूतक और ग्रहण काल समाप्त होने पर स्नान करके घर में गंगाजल छिड़कें और फिर शुभ मुहूर्त में ही रक्षाबंधन का पर्व मनाएं।
दान का महत्व: ग्रहण समाप्त होने के बाद अपनी सामर्थ्य अनुसार सफेद वस्तुओं (जैसे चावल, दूध, चीनी या चांदी) का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।