नयी दिल्ली/मोहाली. जहाँ एक तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) आज यहाँ शनिवार को पंजाब के मोहाली (Mohali) पहुंचे हैं। वहीं एयरपोर्ट पर पहुँचते ही उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य की चन्नी सरकार दावा करती है कि वह अध्यापकों को नौकरियां दे रहे हैं। 36 हजार कर्मचारियों को पक्का कर दिया है लेकिन वहीं ये बेरोजगार अध्यापक छह महीने पानी की टंकियों पर चढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हमेशा से ही झूठ बोलने की आदी है।
अध्यापकों के धरने पर पहुंचे केजरीवाल
इसके साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल मोहाली के फेज-आठ स्थित पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के बाहर आंदोलनरत किसानों के धरने पर केजरीवाल पहुंचे। यहाँ अध्यापकों के साथ बैठ उनकी समस्याओं को भी सुना। उनके साथ सांसद भगवंत मान, जरनैल सिह, हरपाल सिंह चीमा, विनीत वर्मा समेत कई नेता मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने एयरपोर्ट रोड पर पानी की टंकी पर संघर्ष कर रहे अध्यापकों से भी एक मुलाकात की और उन्हें वहां से नीचे उतरने की अपील की। इस पर एक महिला अध्यापक ने कहा कि जब तक उनका ये मामला हल नहीं होगा, तब तक वह नीचे नहीं आने वाले हैं।
इस पर केजरीवाल ने कहा कि, उन्हें उनके परिवार वालों की बहुत ज्यादा चिंता है। ऐसे में अगर चुनाव के बाद उनकी सरकार आने पर दिल्ली की तरह यहाँ के भी अध्यापकों के सारे मामले हल कर दिए जाएंगे। इस पर महिला टीचर ने अपना दुखड़ा सुनते हुए बताया कि उसकी शादी को छह महीने हुए हैं। लेकिन उसने अपना करवा चौथ से लेकर दिवाली तक ऐसे ही पानी की टंकी पर मनाई है। इसके बाद केजरीवाल ने राज्य के CM चरणजीत सिंह चन्नी से अपील की कि वह तुरंत ही मेरिट लिस्ट जारी करें।
इसके बाद उन्होंने बताया कि दिल्ली के अध्यापकों को फिलहाल ट्रेनिंग के लिए विदेश भी भेजा जा रहा है। जबकि यहाँ पंजाब सरकार अपने योग्य शिक्षकों को पानी की टंकी पर भेज रही हैं। उन्होंने कहा कि वह संघर्षरत अध्यापकों को नौकरी तो देंगे ही साथ ही यहाँ के स्कूलों का सारा सिस्टम भी बदला जाएगा।