अकोला जिला के बालापुर के खेतों में तेंदुए की दहशत, वाडेगांव बटवाडी क्षेत्र में बार-बार दिखने से किसानों में भय

Akola News: बालापुर के वाडेगांव-बटवाडी खेतों में तेंदुए की बार-बार मौजूदगी से किसानों व मजदूरों में दहशत, रबी सीजन के बीच ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल खोज अभियान व सुरक्षा बंदोबस्त की मांग की हैं।
Growing leopard terror: Farmers and laborers in Balapur's farmlands are fearful, demanding immediate action from the Forest Department.
बालापुर में तेंदुए का आतंक (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Leopard Attack Balapur: अकोला जिला के बालापुर तहसील के वाडेगांव-बटवाडी खेत परिसर में तेंदुए के दिखाई देने से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। मिली जानकारी के अनुसार, वाडेगांव के पूर्व उपसरपंच अरुण पलसकार ने बताया कि 20 जनवरी को दोपहर करीब तीन बजे वे वाडेगांव-बटवाडी खेत मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान सड़क पर सामने आवाज की दूरी पर तेंदुआ दिखाई दिया, जो तुरंत पास के खेत में लगी तुअर की फसल में घुस गया।

बार-बार दिखने से किसानों में भय

इससे पहले 18 जनवरी को भी बटवाडी खेत परिसर में दो तेंदुओं को किसानों द्वारा देखे जाने की सूचना मिली थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से बालापुर तहसील के बटवाडी, चिंचोली, पिंपलगांव, तामसी और वाडेगांव खेत क्षेत्रों में किसानों और खेत मजदूरों के बीच भारी दहशत बनी हुई है।

वन विभाग से बंदोबस्त की मांग

वर्तमान में रबी सीजन की फसलों की मशागत का काम जोरों पर है, जिसके कारण खेतों में किसानों और मजदूरों की आवाजाही बढ़ गई है। ऐसे में तेंदुए का खुलेआम विचरण किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में तत्काल खोज अभियान चलाकर तेंदुए का बंदोबस्त किया जाए।

पूर्व उपसरपंच अरुण पलसकार ने भी कहा कि 20 जनवरी की घटना के बाद से ग्रामीणों में डर बढ़ गया है और तुरंत ठोस कदम उठाने की जरूरत है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुए का सुरक्षित स्थानांतरण या निगरानी व्यवस्था नहीं होती, तब तक खेतों में काम करना जोखिम भरा बना रहेगा।