श्रावण को क्यों कहते हैं सावन
इस बार सावन मास 11 जुलाई 2025 से शुरू होगा और 9 अगस्त तक चलेगा। क्या कभी आपने सोचा है कि इस महीने को ‘श्रावण’ की बजाय सावन क्यों कहा जाता है।
सावन माह
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11 जुलाई से सावन शुरू हो रहा है जो 9 अगस्त तक चलेगा।
इस मौके पर शिवभक्त भगवान शिव की आराधना करते है।
सावन सोमवार व्रत
इस बार कुल 4 सोमवार पड़ेंगे जो शिव भक्ति के लिए बेहद शुभ माने जा रहे हैं।
श्रावण या सावन?
इसका मूल नाम श्रावण है जिसे संस्कृत से लिया गया है। वहीं पर सावन उसी श्रावण का सरल रूप है।
हिंदू पंचाग
पंचाग के अनुसार, श्रावण मास के अंतिम दिन चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में होता है, इसलिए इसका नाम श्रावण पड़ा।
श्रावण का मतलब
बारिश का मौसम और श्रावण का मेल ध्यान और कुछ अच्छा सुनने का होता है। भगवान शिव की कथाएं,मंत्र सुनते है।
पूजा का फल
कहा गया है कि इस महीने में की गई पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है। शिवलिंग पर पूजा की जाती है।
सोमवार
सावन में सोमवार का खास महत्व होता है इस दिन सच्चे मन से पूजा या तपस्या करने का फल मिलता है।

