क्यों करवाई जाती है कृत्रिम बारिश, जानिए क्या है क्लाउड सीडिंग?
कृत्रिम बारिश कराने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रक्रिया को क्लाउड सीडिंग कहा जाता है।
इस प्रक्रिया के तहत आप कृत्रिम रूप से कहीं भी बारिश करा सकते हैं।
दरअसल, क्लाउड सीडिंग के दौरान एक विमान से बहुत सारे क्लाउड बीज बादलों में बिखर जाते हैं, जिसके बाद आसमान में बादल छा जाते हैं और फिर कुछ देर बाद बारिश होती है।
इसकी मदद से इंसान अब सूखे और प्रदूषण जैसी समस्याओं से आसानी से निपट सकेगा।
क्लाउड बीजों को प्रयोगशाला में वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया जाता है। इसे तैयार करने के लिए सूखी बर्फ, नमक, सिल्वर आयोडाइड समेत कई अन्य तरह के रसायन मिलाए जाते हैं।
इसे तैयार करके वायुयान के माध्यम से आकाश में फैलाया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया एक तरह की खेती की तरह है, इसीलिए इसे क्लाउड सीडिंग कहा जाता है।
भारत से पहले क्लाउड सीडिंग का यह प्रयोग यूएई और चीन में किया जा चुका है।
