बेहोश हो गई थीं लता मंगेशकर? जानें
स्वरकोकिला
भारत की स्वरकोकिला कही जाने वाली लता मंगेशकर दुनिया में ना होकर भी अपनी सुरीली आवाज के जरिए लोगों के दिलों में बसी हैं।
13 साल में किया काम
लता मंगेशकर महज 13 साल की उम्र में ही अपने सिंगिंग करियर की शरुआत कर दी थी। इस फिल्म में वो मर्जी से नहीं बल्कि परिवार के गुजारे के लिए आई थी।
लता का किस्सा
28 सितंबर को उनकी बर्थ एनिवर्सरी है। ऐसे में हम आपको उनके बारे में वो बातें बताने जा रहे हैं, जो शायद आपने पहले कभी ना सुनी हो।
कलाकारों के परिवार से थीं
लता मंगेश्कर का जन्म कलाकारों के परिवार में हुआ था। लता के पिता एक थिएटर कंपनी चलाते थे इसलिए उन्हें बचपन से ही गाने का शौक था।
लता का पहला गाना
लता ने अपने करियर का पहला गाना "नाचू या गदे, खेलु सारी मनि हौस भारी" गाया था। इस मराठी गाने को उन्होंने 1942 में रिकॉर्ड किया था।
गाते हुए बेहोश हुईं
फ़र्स्टपोस्ट को दिए इंटरव्यू में लता मंगेशकर ने इस बात का खुलासा किया था कि एक गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान वो गाते हुए बेहोश हो गई थीं।
मुंबई की गर्मी
उन्होंने बताया था कि, “हम गर्मी की एक लंबी दोपहर में एक गाना रिकॉर्ड कर रहे थे। आप जानते हैं कि गर्मियों में मुंबई की हालत कैसी होती है।"
गर्मी से बेहोश
"उन दिनों रिकॉर्डिंग स्टूडियो में एयर कंडीशनिंग नहीं होते थे और यहां तक कि आखिरी रिकॉर्डिंग के दौरान सीलिंग फैन भी बंद कर दिया गया था। सलिए मैं बेहोश हो गई..”

