क्या है H-1B वीजा, फीस बढ़ने पर क्या होगा असर
भारत सहित अन्य देशों से श्रमिकों को नियुक्त करने के लिए कंपनियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वीजा पर प्रति वर्ष 1,00,000 डॉलर का भारी शुल्क लगाने की घोषणा पर हस्ताक्षर किए हैं।
H-1B वीजा
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अमेरिका में एच-1बी वीजा एक अस्थायी अमेरिकी वर्किंग वीजा है।
क्या है H-1B वीजा
यह कंपनियों को विदेशी प्रोफेशनल्स को नियुक्त करने की इजाजत देता है।
कब बना
यह 1990 में उन लोगों के लिए बनाया था जिनके पास साइंस, टेक्नोलॉजी आदि की डिग्री।
वर्किंग वीजा
बाहर से आने वाले लोगों को कुछ सेक्टर्स में वर्किंग वीजा के तहत नौकरियां दी जाती है।
फीस
अभी तक ए-1बी वीजा के लिए 1-8 लाख रुपए तक की सालाना फीस चुकानी पड़ती थी।
किसपर बड़ेगा असर
लेकिन अब इस फीस को बढ़ा दिया गया है जिसका असर भारतीयों पर भी पड़ेगा।
बढ़ गई फीस
नए वीजा एप्लीकेशन के साथ अब 1 लाख डॉलर यानी 88 लाख रुपए से भी ज्यादा फीस देनी होगी।
मुश्किलें
नई फीस से कंपनियों का खर्च बढ़ेगा जिससे अमेरिका में नौकरी पाने में मुश्किलें आ सकती है।

