सावन माह में करें ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन, दूर होंगी सारी परेशानियां!

ओंकारेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, इसलिए इस ज्योतिर्लिंग का बहुत विशेष महत्व है।

Photo: Social Media

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग एक प्राकृतिक शिवलिंग है। कहा जाता है कि यहां 33 करोड़ देवी-देवता निवास करते हैं। 12 ज्योतिर्लिंगों में ओंकारेश्वर का पवित्र ज्योतिर्लिंग भी शामिल है।

Photo: Social Media

शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि ओंकारेश्वर के दर्शन करने गए श्रद्धालु जब तक यहां नर्मदा सहित अन्य नदियों का जल शिवलिंग पर नहीं चढ़ाते, उनकी यात्रा पूरी नहीं मानी जाती है।

Photo: Social Media

हिंदू धर्म में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग को लेकर कई मान्यताएं हैं। जिसमें सबसे बड़ी मान्यता यह है कि भगवान भोलेनाथ तीनों लोकों का भ्रमण कर प्रतिदिन रात्रि में शयन के लिए इसी मंदिर में आते हैं।

Photo: Social Media

यह भी मान्यता है कि इस मंदिर में महादेव माता पार्वती के साथ चौसर खेलते हैं। यही कारण है कि आज भी रात के समय यहां चौसर फैला रहता है।

Photo: Social Media

जिस मंदिर में रात के समय परिंदा भी पर नहीं मार पाता, सुबह होते ही चौसर और उसके पासे की कुछ चीजें इस तरह बिखरी हुई मिलती हैं मानो रात में किसी ने इसे खेला हो।

Photo: Social Media

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से लगभग 80 किमी की दूरी पर नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। यह एकमात्र मंदिर है जो नर्मदा नदी के उत्तर में स्थित है।

Photo: Social Media