maa brahmacharini

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का क्या है महत्व

नवरात्रि के नौ दिन मां के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन मां शैलपुत्री और दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। उन्हें तप, संयम और धैर्य का प्रतीक माना जाता है।
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नवरात्रि

maa Durga 1
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नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है।

दूसरा दिन

navratri 2 day

शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के मां ब्रह्मचारिणी स्वरुप की पूजा होती है।

मां ब्रह्मचारिणी

maa brahmacharini (1)

मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, संयम और ब्रह्मचर्य का प्रतीक मानी जाती हैं।

प्राचीन मंदिर

maa brahmacharini (2)

इस दिन काशी के दुर्गा घाट और ब्रह्माघाट पर प्राचीन मंदिरों में भारी भीड़ लगती है।

तपस्या

maa brahmacharini (3)

पुराणों के अनुसार उन्होंने कठोर तप करके भगवान शिव को पति के रुप में प्राप्त किया था।

दूसरे दिन का महत्व

navratri puja

कथा के अनुसार पार्वती जी ने शिव जी को पाने के लिए कठोर तप किया और ब्रह्मचारिणी कहलाईं।

सीख

navratri second day

मां की पूजा भक्तों को कठिन परिस्थितयों में धैर्य, संयम और आत्मबल सिखाती है।

बाधाएं होंगी दूर

navratri

मां ब्रह्मचारिणी भक्तों को जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की शक्ति देती हैं।

shardiya navratri

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