आखिर क्यों पहनी जाती है पैरों में पायल

23 Feb 2026

By: Preeti Sharma

NavBharat Live Desk

महिलाओं के सोलह श्रृंगार में पायल एक खास जगह रखती है जिसे परंपरा से भी जोड़ा जाता है।

पायल

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आयुर्वेद के अनुसार चांदी चंद्रमा से जुड़ी है जो शरीर को शीतलता प्रदान करती है।

शीतलता

पैरों में पायल के रगड़ने से स्किन के जरिए धातुओं के तत्व शरीर में जाते हैं जिससे हड्डियां मजबूत होती है।

मजबूत हड्डियां

हमारे पैरों में निकलने वाली ऊर्जा को शरीर में वापस भेजने के लिए पायल महत्वपूर्ण काम करती है।

ऊर्जा का संचार

माना जाता है कि पायल पहनने से महिलाओं को पीरियड्स में होने वाले दर्द से राहत मिलती है।

हार्मोनल बदलाव

वास्तु के अनुसार पायल की आवाज घर में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करती है।

नकारात्मक ऊर्जा

भारतीय संस्कृति में पायल सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक है जो प्राचीन समय से पहनी जा रही है।

सौभाग्य का प्रतीक

कहा जाता है कि प्राचीन काल में पायल परिवार की मर्यादा और बहू के आने की सूचना का माध्यम थी।

मर्यादा

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