नवरात्रि में कलश स्थापना का धार्मिक महत्व
शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना का बहुत अधिक धार्मिक महत्व ह। यह देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है और इसमें ब्रह्मांड और सभी देवताओं का वास होता है।
कलश
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शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना का महत्व होता है जो देवी मां के आव्हान के लिए रखा जाता है।
देवी शक्ति का प्रतीक
कलश को देवी शक्ति और दुर्गा की पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।
देवी-देवताओं का वास
कलश में संपूर्ण ब्रह्मांड और सभी देवी-देवताओं का वास होता है। कलश के कंठ में त्रिदेव का वास होता है।
सकारात्मक ऊर्जा
कलश में रखा जल ब्रह्मांड की सभी सकारात्मक ऊर्जाओं का स्रोत माना जाता है।
पवित्र स्थान पर स्थापना
इसे घर के पूजा कक्ष या उत्तर-पूर्व कोण जैसे पवित्र स्थान पर रखा जाता है।
शुभता और मंगल का प्रतीक
कलश को शुभता और मंगल का प्रतीक माना जाता है, जो घर में सुख-शांति और समृद्धि लाता है।
सामग्री
कलश में जल, आम के पत्ते, सुपारी, सिक्के, चावल और नारियल रखा जाता है। जिनका अलग-अलग महत्व होता है।
पूजा-अनुष्ठान
नवरात्रि के अलावा अन्य पूजा अनुष्ठानों में कलश की स्थापना की जाती है।

