पर क्यों करना पड़ा काम? जानें दर्दभरी दास्तां
ओम पुरी
ओम पुरी इंडस्ट्री के खूंखार विलेन में से एक हैं। उनकी फिल्में और रोल्स खूब चर्चा में रहे थे। ओम पुरी ने अपनी शुरुआती दिनों में काफी दुख झेले हैं।
बर्थ एनिवर्सरी
ओम पुरी की 18 अक्टूबर को बर्थ एनिवर्सरी है। उनके पिता इंडियन रेलवे में कर्मचारी थे। उनका बचपन बिल्कुल आसान नहीं था।
8 भाई-बहन
ओम पुरी अपने 8 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके भाई-बहनों की मेडिकल फैसिलिटी की कमी की वजह से निधन हो गया था।
चोरी का आरोप
ओम पुरी के पिता भी जेल गए थे, उन पर चोरी का आरोप लगा था। इसके बाद ओम पुरी का परिवार बेघर हो गया था। तब उनके भाई ने कुली का काम किया।
चाय का ठेला चलाया
ओम पुरी परिवार का पेट पालने के लिए चाय के ठेले पर काम करते थे। इसके अलावा मुश्किल के दिनों में उन्होंने रेलवे ट्रैक से कोयला भी उठाया है।
बर्तन साफ करते थे
जब वो 7 साल के थे उस वक्त वो पढ़ाई की जगह किसी खाने की दुकान पर बर्तन साफ करते थे क्योंकि उनकी फैमिली की स्थिति बहुत खराब थी।
कर्ल्क की नौकरी
उन्होंने पंजाब में सरकारी ऑफिस में कर्ल्क की नौकरी भी की थी, जहां से उन्हें 600 रुपये हर महीने मिलता था। इसके बाद उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में पैर रखा।
13 साल किया संघर्ष
उन्होंने NSD में पढ़ाई की और फिर मुंबई आए। इंडस्ट्री में सक्सेसफुल होने के लिए उन्हें 13 साल लगे थे।

