महाराणा प्रताप सिंह जयंती 2023
महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया रविवार विक्रम संवत 1597 अर्थात 09 मई 1540 – 19 जनवरी 1597) उदयपुर, मेवाड़ के सिसोदिया वंश के राजा थे।
उन्होंने मुगल बादशाह अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और कई वर्षों तक युद्ध किया।
लेकिन महाराणा हल्दीघाटी के युद्ध में प्रताप को अकबर ने हरा दिया लेकिन महाराणा प्रताप इतिहास में एक ऐसे योद्धा के रूप में अमर रहे जो किसी अन्य की तरह नहीं लड़े।
इस युद्ध में उसका प्रिय अश्व चेतक भी मारा गया। महाराणा प्रताप और चेतक के बीच प्रेम और विश्वास का रिश्ता भी सभी जानते हैं।
महाराणा प्रताप भारत के महान शूरवीर सपूतों में एक थे। वीरों के वीर महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया जिनके शौर्य, त्याग और बलिदान की गाथाएं आज भी देश में चारों ओर गूंजती हैं।
महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को राजपूत राज परिवार में हुआ था। पिता उदय सिंह मेवाड़ा वंश के शासक थे। महाराणा प्रताप उनके बड़े बेटे थे। महाराणा प्रताप के छोटे तीन भाई और दो सौतेली बहनें थीं।
शूरवीर महाराणा प्रताप ने मुगलों के अतिक्रमणों के खिलाफ अनगिनत लड़ाइयां लड़ी थीं। अकबर को तो उन्होंने ( 1577,1578 और 1579 ) युद्ध में तीन बार बुरी तरह हराया था।
