जानिए गणेश जी के अष्टरूप के बारे में
गणेश जी के अष्टरूप
गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है। भगवान गणेश के आठ रूप या अवतार हैं जो बाधाओं से मुक्ति दिलाते है।
वक्रतुंड
यह गणेश जी का वह रूप है जो टेढ़ी सूंड वाले हैं और यह किसी भी प्रकार की बाधा या समस्या को दूर करते हैं।
एकदंत
यह रूप भक्तों को एकदंत (एक दाँत) के रूप में अभय वरदान देते हैं।
महोदर
'महोदर' का अर्थ है 'बड़ा पेट वाला'. यह रूप मोहासुर का वध के लिए लिया था।
गजानन
यह गणेश जी के प्रसिद्ध रूपों में से एक है, जो दर्शाता है कि कैसे उन्होंने शिव के क्रोध से अपनी माता की रक्षा करने के लिए हाथी का सिर प्राप्त किया
लंबोदर
इसका अर्थ है 'लटकता हुआ पेट वाला'।यह रूप भक्तों के भीतर के दोषों को नष्ट करने का प्रतीक है।
विकट
इसका अर्थ है 'विकट'. यह रूप भक्तों को अपनी कठिनाइयों से उबरने के लिए मजबूत बनाता है।
विघ्नराज
यह रूप सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है।
धूम्रवर्ण
इसका अर्थ है 'धुएं के रंग वाला'. यह रूप उन सभी दोषों को नष्ट करने का प्रतीक है।

