कैसे अजित पवार बने सत्ता के सबसे बड़े खिलाड़ी
हाल ही में बारामती प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार में निधन हो गया है। सियासत के बेताज बादशाह कहे जाने वाले अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति में कदम रखा था
अजित पवार
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महाराष्ट्र के बारामती के पास एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार की निजी विमान दुर्घटना में निधन हो गया है।
राजनीति का सफर
अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर 1982 में राजनीति में कदम रखा था।
चाचा के साथ
साल 1991 में पहली बार बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुने गए, लेकिन बाद में चाचा के लिए सीट छोड़ दी।
सियासी वारिस
अजित पवार ने अपनी मेहनत और लगन के बाद खुद को शरद पवार के सियासी वारिस के तौर पर महाराष्ट्र में स्थापित किया।
देवेंद्र फडनवीस
2022 में अजित पवार ने चाचा से बगावत कर अलग सियासी राह चुनी और महायुति सरकार को जॉइन किए।
एनसीपी
2023 में अजित पवार ने पूरी तरह से एनसीपी पर कब्जा जमा लिया लेकिन 2024 में जलवा नहीं दिखा सकें।
छह बार
अजित पवार अबतक छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं।
अपनी पकड़
अपने राजनीतिक जीवन में खुद को स्थापित ही नहीं किया बल्कि अपनी पकड़ भी बनाई।

