By: Preeti Sharma
NavBharat Live Desk
कूलर की ठंडी हवा पूरी तरह से पैड्स पर निर्भर करती है जिसे घास भी कहा जाता है।
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अक्सर लोग हनीकॉम्ब या साधारण घास को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि कौन ज्यादा ठंडक देगा।
ये पैड्स सेल्युलोज कागज से बने होते हैं और दिखने में मधुमक्खी के छत्ते जैसे होते हैं।
इन्हें एस्पन पैड्स भी कहते हैं। ये प्राकृतिक लकड़ी के रेशों से बने होते हैं।
हनीकॉम्ब पैड्स ज्यादा पानी सोखते हैं और हवा के संपर्क में ज्यादा आते हैं इसलिए ये बेहतर होते हैं।
हनीकॉम्ब पैड्स 3 से 5 साल तक आराम से चलते हैं। जबकि घास को हर साल बदलना पड़ता है।
घास वाले पैड्स बहुत सस्ते होते हैं जिससे कूलर की कीमत कम रहती है।
हनीकॉम्ब पैड्स को साफ करना आसान है और इनमें धूल कम जमती है।