तुलसी की माला पहन कर इन बातों का रखें ध्यान
शुद्धता बनाए रखना
तुलसी की माला हमेशा साफ और शुद्ध रखनी चाहिए। इसे पहनते समय शरीर और मन दोनों की पवित्रता का ध्यान रखना आवश्यक है।
स्नान के बाद ही पहनें
सुबह स्नान के बाद तुलसी की माला धारण करना शुभ माना जाता है। रात में सोते समय कई लोग इसे उतारना भी उचित मानते हैं, पर यह व्यक्तिगत परंपरा पर निर्भर करता है।
माला को अपवित्र स्थानों में न ले जाएँ
शौचालय, बाथरूम या अत्यधिक गंदे स्थानों पर जाते समय तुलसी की माला हटाना उचित माना जाता है। इससे माला की पवित्रता बनी रहती है।
माला पर तेल, परफ्यूम या साबुन
तुलसी की माला को कभी भी साबुन, परफ्यूम या किसी रसायन के संपर्क में न लाएँ। केवल स्वच्छ पानी से साफ किया जा सकता है।
भोजन करते समय सावधानी
भोजन करते समय कई लोग माला उतारते हैं, जबकि कुछ वैष्णव परंपरा में इसे पहने रखना भी ठीक माना जाता है। सामान्य नियम: चिपचिपे या तैलीय हाथ माला को न छुएँ।
झूठ, अपशब्द या नकारात्मक
तुलसी की माला पहनना एक तरह का आध्यात्मिक व्रत माना जाता है। इसे पहनकर झूठ बोलना, गाली देना, या गलत काम करना अनुचित माना जाता है।
सोते समय उतारना
कुछ परंपराओं में सोते समय माला उतारकर साफ स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है। वैष्णव लोग इसे हमेशा पहनते हैं आप अपने संप्रदाय की परंपरा के अनुसार चल सकते हैं।
माला टूट जाए तो क्या करें
तुलसी की माला टूटने पर उसे फेंकना नहीं चाहिए। उसे बहते पानी, नदी में प्रवाहित करें या पौधे की जड़ में respectfully रख दें।
माला को किसी और को न दें
तुलसी की माला व्यक्तिगत होती है, इसे कभी भी किसी अन्य व्यक्ति को न पहनाएँ या न दें।
पूजा-पाठ में माला पहनना अत्यंत शुभ
तुलसी की माला पहनकर मंत्र जाप, ध्यान और पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है। यह मन को शांत और स्थिर करती है।

