गाय पूजन तो कहीं काली पूजा, देश के हर कोने में दिवाली पर प्रचलित है ये लोक पंरपराएं
लोक परंपराएं
दिवाली का त्योहार 1 नवंबर को मनाया जाएगा। देश के हर कोने में त्योहार की कई लोक पंरपराएं जुड़ी है।
उत्तर भारत
हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों में भगवान राम की विजयी गाथा और श्रीकृष्ण की परंपरा प्रचलित है।
गुजरात
यहां पर दिवाली को नए साल के रूप में मनाते हैं और देसी घी के दीये जलाए जाते है।
तमिलनाडु
यहां दिवाली को थलाई दिवाली कहते है मान्यता है कि, नवविवाहित जोड़े को दिवाली के लिए लड़की के घर जाना होता है।
ओडिशा
यहां पर दिवाली के दिन आद्य काली पूजा का खास महत्व होता है।
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़
यहां के आदिवासी दीपदान करते हैं और घर के मुख्य द्वार पर दीया जलाते है।
महाराष्ट्र
यहां पर पहले दिन वसुर बरस मनाया जाता है, जिसमें आरती गाते हुए गाय और बछड़े का पूजन किया जाता है।
आंध्रप्रदेश
दिवाली में संगीतमय हरिकथा होती है साथ ही सत्यभामा की विशेष मिट्टी की मूर्तियों की प्रार्थना होती है।
पश्चिम बंगाल
यहां दिवाली की मध्यरात्रि में लोग महाकाली की पूजा-अर्चना करते हैं और नृत्य करते है।

